मानिकपुर थाना क्षेत्र के रानीमऊ निवासी सुदीप कुमार शुक्ल की पत्नी नेहा शुक्ला (22) का गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजनों ने उसे कुंडा के बिहार रोड स्थित ऊषा मैटरनिटी हास्पिटल में 22 अक्तूबर को भर्ती कराया था।
बिहार रोड स्थित ऊषा मैटरनिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर दंपती के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया है। मामले में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया था कि प्रसव कराने के दौरान लापरवाही बरती गई। शिकायत के बाद भी डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया। जिससे प्रसूता की जान चली गई। वहीं जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है।
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मानिकपुर थाना क्षेत्र के रानीमऊ निवासी सुदीप कुमार शुक्ल की पत्नी नेहा शुक्ला (22) का गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजनों ने उसे कुंडा के बिहार रोड स्थित ऊषा मैटरनिटी हास्पिटल में 22 अक्तूबर को भर्ती कराया था। अस्पताल में महिला का ऑपरेशन किया गया। बच्चा होने के बाद महिला को ब्लीडिंग होने लगी। आरोप है कि इसकी शिकायत बार-बार की जाती रही, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। करीब 12 घंटे बीतने के बाद महिला को प्रयागराज रेफर किया गया।
प्रयागराज में इलाज कराया लेकिन लाभ नहीं मिला। गंभीर हालत में नेहा को लखनऊ ले जाया गया। वहां तीन नवंबर को नेहा की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर पांच नवंबर को कोतवाली में तहरीर दी गई।
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पुलिस ने घटना में अस्पताल संचालक डॉ.नीरज सिन्हा, उनकी पत्नी डॉ.अंजली सिन्हा के साथ अस्पताल के अन्य चिकित्सक व कर्मचारियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया है। उधर, सीएमओ कार्यालय से जांच के लिए टीम गठित की गई है। जांच टीम में पट्टी के डॉ. अरविंद गुप्ता व डॉ.गिरेंद्र शामिल हैं। तीसरे डॉक्टर को जल्द नामित किया जाएगा।