पुरानी पेंशन सहित अन्य मांगों को लेकर केंद्रीय और राज्य कर्मचारी बुधवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। विकास भवन, लोकनिर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा विभाग में तालाबंदी कर अपना हक मांगा। बुधवार को बैंक, एलआईसी, बीएसएनएल के समर्थन में डाक विभाग के कर्मचारी भी आ गए। प्रधान डाकघर में तालाबंदी कर पुरानी पेंशन के लिए गरजे। हड़ताली कर्मचारियों ने बुधवार को जगह-जगह प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारी नेताओं ने चेताया कि अगर पुरानी पेंशन बहाल नहीं की जाती है तो कर्मचारी चुप बैठने वाले नहीं हैं।
बुधवार को सरकारी कार्यालयों के साथ ही बैंक, बीएसएनएल, एलआईसी, बिजली विभाग, डाकघर में तालाबंदी कर पुरानी पेंशन की बहाली सहित विभिन्न मांगों के लिए कर्मचारियों ने आवाज बुलंद की। हड़ताली कर्मचारियों ने जगह-जगह धरना-प्रदर्शन कर अपना हक मांगा। विकास भवन में एकजुट हुए राज्य कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन उनका हक है और उसे अविलंब मंजूरी देना चाहिए। राज्य कर्मचारी महासंघ ने विकास भवन में तालाबंदी कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुए धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला मंत्री वकील अहमद ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा अधिकार है और इसे हम लेकर रहेंगे। आंगनबाड़ी, आशा, पीआरडी, मनरेगा, रसोइयां और दाई के साथ ही संविदा कर्मियों को 18,000 रुपये और सरकारी कर्मचारियों के लिए 26,000 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन मांगा। इस मौके पर रामप्रकाश दूबे, राकेश सरोज, अनिल कुमार, कौशल श्रीवास्तव, दिवाकर शुक्ला, प्रदीप सरोज, परमानंद यादव, सुरजीत बहादुर, राजेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
यूपी फेडरेशन आफ मिनिस्ट्रीरियल सर्विस एसोसिएशन के संरक्षक प्यारेलाल मिश्र ने उद्यान विभाग में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अभी तो यह सांकेतिक प्रदर्शन है, मगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। इस मौके पर नौशाद अहमद, लालनंद कुमार, सरिता, राम आशीष सिंह, राजकुमार, महावीर प्रसाद त्रिपाठी, राजकुमार मिश्र, अनुज श्रीवास्तव प्रमुख रूप से मौजूद रहे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमलेश कुमार ने संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग की है। इस मौके पर विजय सिंह, हेमंत नंदन ओझा, प्रताप नारायण शुक्ल, अनिल, मोतीलाल वर्मा, ओम प्रकाश, लालचंद्र, राम किशुन, बृजेश कुमार, एहसान अहमद आदि मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने कचहरी में किया प्रदर्शन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कचहरी में प्रदर्शन कर मानदेय बढ़ाने और रुका हुआ मानदेय का भुगतान का आदेश नहीं आने पर विभागीय अधिकारियों के साथ ही सरकार पर निशाना साधा। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश संगठन मंत्री रेखा शुक्ला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जब न्यूनतम मजदूरी निर्धारित कर दी है तो तीन हजार रुपये मानदेय क्यों दिया जा रहा है। इधर जिलाध्यक्ष माधुरी सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में 18000 रुपये न्यूनतम मानदेय और पेंशन मांगा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं जमा रहीं।