गांव से बाहर निकलते ही अजय की तबियत बिगड़ गई। यह देखकर एसटीएफ पहले ट्रामा सेंटर पहुंची। वहां चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक देख मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही एसटीएफ टीम के हाथ पैर फूल गए।
जिले के पुलिस अफसरों को सूचना देने के बाद मृतक के दोस्त राघवेंद्र के नाम से उसे अस्पताल में पहुंचाने की जानकारी देते हुए टीम चली गई। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोतवाली पुलिस को सूचना देते हुए शव को मोर्चरी भेजा। खबर मिलते ही परिजन रोने बिलखने लगे। सांगीपुर थाने पहुंचे अफसरों से बात करने के लिए अजय की बेटी व परिवार वाले भी रात करीब नौ बजे पहुंचे।
पुलिस ने बताया सीने में दर्द हुआ और चली गई जान
एसटीएफ की हिरासत में मौत को लेकर पुलिस महकमे से अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि एसटीएफ ने जब वांछित अजय सिंह को वाहन में बैठाकर घर से निकली तो उसके सीने में तेज दर्द शुरू हो गया। उसकी हालत बिगड़ती गई और अस्पताल पहुंचने से पहले सांसें थम गईं। पुलिस का मानना है कि हार्टअटैक से उसकी मौत हुई है, लेकिन मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगी।
आरोपी पर लखनऊ में एनडीपीएस का केस दर्ज था। एसटीएफ उसे पूछताछ के लिए थाने ले जा रही थी, लेकिन अचानक उसकी तबियत खराब होने लगी। टीम उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जा रही थी मगर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - सतपाल अंतिल, पुलिस अधीक्षक