किसानों की लहलहाती फसलों को अब आवारा पशु तहस-नहस नहीं कर पाएंगे। किसानों की फसलों को बचाने के लिए अब गांव-गांव नंदीग्राम की स्थापना की जाएगी। जिसमें आवारा पशुओं को रखा जाएगा। उनके खाने-पीने का प्रबंध पशुपालन विभाग करेगा।
आवारा पशुओं से लगातार हो रहीं दुर्घटनाओं और किसानों की फसल नष्ट करने की शिकायतें शासन तक पहुंचने के बाद अब इसके स्थायी निराकरण की तैयारी की जा रही है। आवारा जानवरों को अब ब्लॉक के गो संरक्षण केंद्रों तक ले जाने की जरूरत नहीं होगी, ब ल्कि गांव में ही नंदीग्राम की स्थापना कर उन्हें रखा जाएगा। ग्राम पंचायतों की देखरेख में बनने वाले नंदी ग्राम में आवारा जानवरों को रखा जाएगा और उनके चारे-पानी पर आने वाला खर्च पशुपालन विभाग से मिलेगा।
इससे गांव के एक व्यक्ति को जहां रोजगार मिलेगा वहीं, किसानों को राहत मिलेगी। इन दिनों गांव के लोगों की सबसे बड़ी समस्या आवारा जानवर बने हुए हैं। गेहूं की कटाई के बाद खेत पूरी तरह मैदान दिख रहे हैं। जिन खेतों में उड़द, सब्जी और हरा चारा बोया गया है, आवारा पशु उन खेतों को ही अपना निशाना बना रहे हैं।
इससे किसानों को रतजगा कर फसल की सुरक्षा करनी पड़ रही है। योगी सरकार की इस पहल से निश्चित रूप से किसानों को काफी राहत मिलेगी। फिलहाल, पहले चरण में 11 ग्राम पंचायतों में नंदीग्राम की स्थापना होनी है। डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी ने बताया कि जल्द ही ग्राम पंचायतों में नंदीग्राम की स्थापना कर आवारा जानवरों को रखा जाएगा।