बाघराय थाना क्षेत्र के रोर के प्रधान के भतीजे व भाजपा नेता उमेश पांडेय के बेटे विशाल पांडेय के फरार हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जबकि तीन आरोपियों को पुलिस शुक्रवार को ही जेल भेज चुकी है। तनाव को देखते हुए गांव में चार थानों की पुलिस व पीएसी डटी हुई है। चार दिन बाद भी गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
रोर गांव के प्रधान प्रतिनिधि डॉ. संतोष पांडेय का गांव के ही पूर्व प्रधान रन बहादुर सिंह से पंचायत चुनाव को लेकर रंजिश चली आ रही है। 24 जनवरी को आवास सत्यापन के विवाद में ब्लॉक परिसर में मारपीट हो गई थी। इस मामले में संतोष ने नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस कुछ आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया था। भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य उमेश पांडेय का बेटा विशाल (20) कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। घटना की जानकारी के बाद वह भी घर आ गया था।
आरोप है कि 25 जनवरी को प्रयागराज से लौटते समय मौरी मोड़ बदली का पुरवा के बीच पवन सिंह उर्फ विक्कू सिंह, पूर्व प्रधान रन बहादुर सिंह, समर बहादुर सिंह, आजाद सिंह, अनुराग सिंह, प्रवीण उर्फ गब्बर व साहिल सिंह उर्फ लकी सिंह ने पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम के बाद परिजन सीएम को बुलाने व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। घटना के तीसरे दिन तीन आरोपी पवन सिंह, रन बहादुर सिंह व समर बहादुर सिंह की गिरफ्तारी के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। घटना के चार दिन बाद भी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
रोर गांव में महेशगंज, बाघराय, उदयपुर और संग्रामगढ़ की पुलिस और पीएसी डेरा डाल रखी है। थानाध्यक्ष लगातार चक्रमण कर रहे हैं। घटना में नामजद चार फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें दबिश दे रही हैं।
थानाध्यक्ष ने वादी का बयान लेने के बाद घटनास्थल का जायजा लिया। वहीं फील्ड यूनिट की टीम संकलित साक्ष्यों की गहना से जांच कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी रोहित मिश्रा ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीम लगाई गई है।