जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में शनिवार को हंगामे के बीच 4 अरब 20 करोड़ रुपये के वर्ष 2023-24 के अनुमानित बजट का प्रस्ताव सदस्यों ने पास कर दिया। जिसमे मनरेगा के श्रम कार्य, पुनरीक्षित, मूल, पंद्रहवा और पंचम वित्त का बजट शामिल है। हंगामे के बीच सदस्यों को अध्यक्ष माधुरी पटेल शांत कराती रहीं।
जिला पंचायत सभागार में शनिवार दोपहर सदन की बैठक अध्यक्ष माधुरी पटेल की अध्यक्षता व अपर मुख्य अधिकारी पुनीत वर्मा के संचालन में प्रारंभ हुई। बोर्ड की बैठक के दौरान अपर मुख्य अधिकारी ने एजेंडे के बारे में सदस्यों को अवगत कराना प्रारंभ किया।
पिछले दिनों हुई बैठक की पुष्टि के बाद आगे का एजेंडा बढ़ते ही बाबागंज तृतीय से जिला पंचायत सदस्य क्षमा सिंह के प्रतिनिधि अभय कुमार सिंह उर्फ पप्पन और बाबा बेलखरनाथ धाम से जिला पंचायत सदस्य पवन आदि ने विरोध करते हुए हंगामा शुरु किया। दो सदस्यों के साथ कुछ अन्य सदस्य भी विकास कार्यों के प्रस्ताव में मनमानी का आरोप लगाने लगे।
उनका आरोप था कि उनके क्षेत्र में प्रस्तावित विकास कार्य को कराने की मंजूरी नहीं दी गई। इस बीच सदस्य मुन्ना सिंह व विनोद पटेल उनके आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए विरोध करने लगे। जिसे लेकर सदन में हंगामा होने लगा। मामला बढ़ता देख अध्यक्ष माधुरी पटेल व एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह के प्रतिनिधि अनिल प्रताप सिंह लाल साहब ने सभी को शांत कराते हुए बताया कि ऐसा नहीं है, विभिन्न विकास कार्य जिले की 17 ब्लाॅक क्षेत्र में कराया जाना है।
सदन सभी सदस्यों के प्रस्ताव को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। कई सदस्यों के प्रस्ताव के कुछ कार्य को कराने की सहमति नहीं बनी है, लेकिन छह माह में सभी के प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी। गांव स्तर तक विकास कार्यों के लिए सदन में मनरेगा श्रम के लिए 233.57 करोड़, पुनरीक्षित बजट 85.58 करोड़, मूल बजट 65.86 करोड़ और पंचम व पंद्रहवे वित्त से होने वाले विकास कार्यों के लिए 35 करोड़ का अनुमानित बजट को सदस्यों ने स्वीकृति दी।
जिला पंचायत के आय पर भी सदस्यों ने चर्चा की। सदन की ओर से विभिन्न ब्लाक क्षेत्र में नई सड़कों , तालाब व नाली निर्माण कराने की जानकारी दी गई। इस मौके पर विभागों के अधिकारी संग सदस्य मौजूद रहे।
प्रस्ताव को मंजूरी न मिलने पर दूंगा धरना
सदन में हंगामा करते हुए नाराज जिला पंचायत सदस्य क्षमा सिंह के प्रतिनिधि अभय सिंह पप्पन ने अध्यक्ष से कहा कि उनके व उनके पार्टी के सदस्यों के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी जा रही है। उन लोगों के प्रस्ताव पर मंजूरी क्यों नहीं दी गई यह स्पष्ट किया जाए। अन्यथा अध्यक्ष के कक्ष के पास वह धरना देंगे। अध्यक्ष माधुरी पटेल ने कहा कि सभी के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। धरना देने का अधिकार सभी को है इससे किसी को रोका नहीं जाएगा।
बेसिक व बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को भेजा पत्र
बोर्ड की बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग और बिजली विभाग का कोई अधिकारी नहीं आया। इसे गंभीरता से लेते हुए सदस्यों के प्रस्ताव पर अध्यक्ष माधुरी पटेल ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर दोनों विभागों क जिला स्तरीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को शामिल होने के लिए अलग से पत्र भेजा जाएगा।