जंगली जानवरों से फसल को बचाने के लिए लगाए गए तार की बाड़ में लगे करंट की चपेट में मजदूर की मौत हो गई। खबर मिलने पर घर में कोहराम मच गया।
बुआपुर निवासी लालजी पटेल (42) मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजर बसर करता था। शुक्रवार दोपहर वह पड़ोसी गांव सहिजनपुर में संतोषी विश्वकर्मा के घर आलू के खेत में दवा का छिड़काव करने गया था। फसल को बचाने के लिए संतोषी ने लोहे के तार का बाड़ लगा रखा था।
प्रतिबंध के बाद भी बाड़ में करंट दौड़ा देता था। फसल में दवा का छिड़काव करते समय वह बाड़ में प्रवाहित करंट की चपेट में आ गया। जिससे वह झुलस गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर लालजी की पत्नी मीरा पटेल बेहोश हो गई। तीन बेटियों स्वाति, शालू , गुड़िया व बेटे शिवम का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।