कंधई थाना क्षेत्र में मृतक राजेन्द्र वर्मा। फाइल फोटो
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ससुराल से लौट रहे कबाड़ व्यापारी की हत्या कर कुछ लोगों ने 25 हजार रुपये लूट लिए। घटना की जानकारी के बाद घर में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे एएसपी छानबीन के बाद जिला अस्पताल पहुंचे। घटना में शामिल आरोपियों की तलाश में कंधई व कोहड़ौर पुलिस दबिश दे रही है।
कंधई थाना क्षेत्र के मधुपुर कोरचा निवासी राजेंद्र वर्मा (43) चंडीगढ़ में कबाड़ का काम करते थे। वह होली पर घर आए थे। शनिवार को वह अपनी ससुराल धरौली गए थे। वहां से बाइक से घर लौट रहे थे। मदाफरपुर में उन्होंने एटीएम से दो हजार रुपये निकाले। थोड़ी दूर जाने पर पेट्रोलपंप के करीब बाइक सवार आठ लोगों ने उन्हें रोक लिया। जहां उनके बीच विवाद होने लगा।
वह किसी तरह वहां से भागे तो कोनी मोड़ के करीब हमलावरों ने उन्हें दबोच लिया और पीटने लगे। बाइक सवार हमलावरों ने ठंडे व लोहे की सरिया से सिर पर प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोप है कि उनकी जेब से 25 हजार रुपये लेकर हमलावर भाग निकले। सूचना मिलने पर राजेंद्र के मामा का बेटा नीरज पहुंचा और उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुचा। खबर पाकर पुलिस भी आ गई। पूछताछ के बाद पता चला कि घटना कोहड़ौर थाना क्षेत्र की है। इस पर घरवाले उन्हें लेकर कोहड़ौर थाने पहुंचे। पुलिस को घटना की जानकारी देने के बाद घरवाले फिर उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ते में उनकी तबियत बिगड़ने लगी।
जिला अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने राजेंद्र को मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी व सीओ सिटी अभय पांडेय ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपियों की तलाश में दबिश देने के लिए मातहतों को भेजा। एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि लूट की बात गलत है। जिन लोगों से राजेंद्र की मारपीट हुई है, वह उनसे परिचित थे। सभी ने मिलकर शराब पी थी। विवाद के दौरान मारपीट हुई थी। बाइक से वह गिर गए थे। जिससे उनके सिर में चोटें आई थीं। वह थाने पर खुद बयान व तहरीर देने आए थे।
कबाड़ विक्रेता राजेंद्र वर्मा की मौत के बाद जिला अस्पताल से मधुपुर तक चीखपुकार मची रही। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग रोते बिलखते अस्पताल की ओर भागे। घर पर रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। बवाल की आशंका में कंधई पुलिस अलर्ट रही।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के कोनी मोड़ के करीब कबाड़ विक्रेता से रुपये लूटने के दौरान हमलावरों ने उन्हें मारापीटा। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद लहूलुहान राजेंद्र खुद बातचीत कर रहे थे। परिवार के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने राजेंद्र को पूछताछ के लिए कोहड़ौर थाने बुलाया। उनका पहले इलाज कराना बेहतर नहीं समझा। उधर, पुलिस का कहना है कि राजेंद्र खुद तहरीर देने के लिए थाने आए थे। उन्हें पुलिस ने नहीं बुलाया था।