अमेरिका के कन्सास शहर में नस्लीय टिप्पणी के बाद भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला की गोली मारकर हत्या किये जाने की घटना का बेल्हा में भी असर दिखाई दे रहा है। जिले के जिन लोगों के परिवार के लोग अमेरिका में रह रहे हैं वे इस घटना के बाद काफी सहम गए हैं। हमलावरों द्वारा नस्लभेदी टिप्पणी और अमेरिका में नौकरी करने से खफा होने की बात सामने आने पर लोग अपनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए हैं। लोगों ने भारत सरकार से हस्तक्षेप कर अमेरिका में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
बुधवार को हैदराबाद के इंजीनियर श्रीनिवास अमेरिका के कन्सास शहर में एक बार में अपने दोस्त के साथ बैठे हुए थे। वहीं पर नस्लीय टिप्पण के बाद में अमेरिका में नेवी से रिटायर्ड 51 वर्षीय एडम प्यूरिनटन ने दोनों को आतंकवादी और मेरे देश से निकल जाओ कहते हुए गोली मार दी थी। जिसमें श्रीनिवास की मौत हो गई जबकि इनका साथी आलोक मदासनी जख्मी है। इस हमले में वहां का एक नागरिक भी जख्मी हुआ है। वह दोनों को बचाने के लिये दौड़ा था। वहां की पुलिस ने भी माना है कि प्यूरिनटन श्रीनिवास और उसके दोस्त को नस्लीय टिप्पणी के जरिये उकसा रहा था। वह अमेरिका में उनकी मौजूदगी और नौकरी करने से खफा था। इस घटना के बाद जिले के वे लोग सहम गए हैं जिनके घर के सदस्य अमेरिका में हैं। अमेरिका में रहने वाले अपनों से बात करने के लिये लोग परेशान हैं।
प्रतापगढ़ सिंधी समाज के मुखिया और ईंट-भट्ठा मालिक प्रताप कुंदानी की बेटी और दामाद अमेरिका के बोस्टर्न में रहते हैं। पंद्रह दिन पहले बेटी घर में पड़ी एक शादी में शामिल होने आई थी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले दोनों से बात हुई थी। उस समय तो सब ठीक था। इधर दो दिन से बात नहीं हो पाई है। इंजीनियर श्रीनिवास की हत्या की घटना के बाद से हम लोग थोड़ा चिंतित जरूर हुए हैं। ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। नस्लीय भेदभाव की भावना राष्ट्रहित के लिए उचित नहीं है। ट्रंप सरकार को चाहिए कि वह इसमें दखल दे। उन्होंने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से हस्तक्षेप की मांग की है।
चौक घंटाघर के गौतम ने बताया कि उसकी बहन अमेरिका में इंडियाना विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही हैं। घटना से दो दिन पहले व्हाट्सएप से दीदी से बात हुुई थी। उसके बाद नहीं हो पाई है। इस घटना के बाद से घरवालों को उसकी फिक्र ज्यादा हो गई है। आज रात में दीदी से बात होगी। इंजीनियर श्रीनिवास की हत्या ने वहां रह रहे सभी भारतीय के परिजनों के मन में खौफ पैदा कर दिया है। लोग अपनों की सुरक्षा के प्रति चिंतित हो गए हैं। भारत सरकार की जिम्मेदारी बनती है वह अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा का जिम्मा ले।
जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट डॉक्टर एसबी शुक्ला ने भारतीय मूल के इंजीनियर श्रीनिवास की हत्या की निंदा की है। वे भी घटना से घबराए हुए हैं। उन्होंने बताया कि वे अपने दो बच्चों को अमेरिका पढ़ने के लिये भेजना चाह रहे हैं, मगर इस घटना के बाद वे थोड़ा हिचक रहे हैं। सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। फिलहाल इस समय वहां का माहौल थोड़ा खराब चल रहा है। इसलिए इस पर विचार करना जरूरी हो गया है।
रेलवे स्टेशन रोड सहोदरपुर के मंतोष निगम की बड़ी बहन गुड्डन निगम अमेरिका के शिकागो शहर में पति और बच्चों के साथ रहती है। मंतोष बताते हैं कि शुक्रवार की रात को उनकी और गुड्डन की बात हुई थी। इस घटना से हम लोग भी फिक्रमंद हो गये हैं। जिस तरह से श्रीनिवास और उसके दोस्त पर एक अमेरिकी ने नस्लीय टिप्पणी पर गोली चला दी, उससे तो यही लगता है कि वहां पर ट्रंप सरकार की नीतियों से भारतीय डरे नजर आ रहे हैं। मंतोष ने घटना की निंदा की है। साथ ही इसमें भारत के प्रधानमंत्री से दखल देने की मांग की है।