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नए सांसद के सामने चुनौतियों का पहाड़ 

Sat, 25 May 2019 01:17 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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sangam lal gupta - फोटो : प्रयागराज
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रिकार्ड तोड़ मतों से चुनाव जीतकर भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता भले ही सांसद बन गए हैं, लेकिन आगे उनके सामने चुनौतियों की पहाड़ खड़ा है। उद्योगविहीन जिले में कर-कारखानों की स्थापना के साथ आंवला किसानों की पीड़ा दूर करने की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर है। अस्पतालों की दशा बदहाल है। नदियों पर पुल चाहिए तो बदहाल सड़कों की सूरत बदलने का भी उनके कंधे पर भार होगा। शहर का दायरा बढ़ाकर विकसित नगर बनाने का संकल्प भी पूरा करना होगा। नदियों में बनाए गए चेकडैम घोटालों की जांच कराकर कार्रवाई भी बाकी है। मुंबई, दिल्ली समेत अन्य प्रदेशों के लिए रेल सेवाओं को और बेहतर बनाना होगा। 

एटीएल बंद, दम तोड़ रहा औद्योगिक क्षेत्र 
जिले में उद्योग-धंधों का बुरा हाल है। रोजी-रोजगार के सिलसिले में जनपद के युवाओं को महानगरों की डगर थामनी पड़ती है। पूर्व में सांसद राजा दिनेश सिंह ने भुपियामऊ के पास एटीएल फैक्ट्री की स्थापना कराई थी जो कुछ सालों बाद बंद हो गई। सुखपालनगर को भले ही औद्योगिक अस्थान घोषित किया गया है, लेकिन यहां सुविधाओं के अभाव में कल-कारखाने नहीं चलते। मौजूदा समय में महज 6 कारखाने ही संचालित हैं। उद्योग की व्यवस्था न होने से जिले के करीब 4 लाख से अधिक बेरोजगारों को रोजी-रोटी के लिए भटकना पड़ रहा है। जबकि 96 हजार पंजीकृत बेरोजगार हैं।
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अस्पतालों में नहीं होता एक्सरे, दवाएं भी नहीं मिलतीं
जिले की स्वास्थ्य सेवा भी बद से बदतर है। जिसके चलते ग्रामीण अंचल में लोग झोलाछाप डाक्टरों की शरण में जाने को मजबूर हैं। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है। ग्रामीण अंचल में 27 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जहां मरीजों का बेहतर उपचार नहीं हो पाता। अधिकांश सीएचसी में मरीजों का एक्सरे तक नहीं होता। स्वास्थ्य विभाग डाक्टर व स्टाफ की कमी का रोना रो रहा है।

15 सौ से अधिक पुरवों में टिमटिमा रही ढिबरी
केंद्र व प्रदेश सरकार ने गांव के पुरवों को रोशन करने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना चलाई। कुछ दिनों बाद सौभाग्य योजना चली। इसके बाद भी 15 सौ से अधिक पुरवों में ढिबरी ही टिमटिमा रही है। लोगों को अभी भी मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरी बस्तियों की ओर जाना पड़ता है। इन पुरवों का विद्युतीकरण कराना और जर्जर उपकरणों को बदलवाकर बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराना होगा।

आसान बनानी होगी दिल्ली समेत दूसरे शहरों की राह 
रोजी-रोटी के सिलसिले में जनपद से बड़ी संख्या में लोग मुंबई, गुजरात, दिल्ली, पंजाब समेत अन्य प्रदेशों में रहते हैं। मुंबई के लिए जिले से सप्ताह सिर्फ दो दिन एक ट्रेन चलती है। ऐसे में दूसरे दिनों में मुंबई जाने वालों को ट्रेन पकडने के लिए प्रयागराज या लखनऊ जाना होता है। दिल्ली रूट पर भी ट्रेनों की संख्या कम है। जिससे मुसाफिरों को दिक्कत होती है। नए सांसद को नई ट्रेनें लाने के साथ पहले से चल रही ट्रेनों का फेरा भी बढ़ाना होगा। 

नदियों पर पुल बनवाने की जरूरत
जिले में सई, चमरौधा, बकुलाही समेत दूसरी नदियों में बरसात के दिनों में पानी भर जाता है। नदियों को पार करने में लोगों को मशक्कत करनी पड़ती है। नदियों को पार करने के लिए दूसरे रास्ते से लोगों को आना जाना पड़ता है। ऐसे में नदियों पर पुल बनवाकर जनता को सहूलियत देनी होगी।

व्यापारियों के दिल से निकालना होगा खौफ
जिले में व्यापारी समाज बड़ी मुसीबत में है। उनके साथ हत्या और रंगदारी की घटनाएं लगातार हो रही हैं। रंगदारी न देने पर कोहड़ौर के व्यापारी श्यामसुंदर व श्याममूरत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। खुद विधायक संगमलाल गुप्ता से भी रंगदारी मांगी गई। धमकी भरा पत्र भी कार्यालय में मिला। हाल ही में सदर बाजार के मार्बल कारोबारी राजेश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मार्बल व्यापारी हरि गौरव, मिठाई कारोबारी आशीष मौर्य, प्राइवेट चिकित्सक समेत कई लोगों से रंगदारी मांगी गई। ऐसे में खौफजदा व्यापारियों के दिल व दिमाग पर समाए खौफ को दूर करते हुए कानून व्यवस्था को पटरी पर लाना होगा।
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शहर को जाम व अतिक्रमण से दिलानी होगी निजात
शहर में जाम व अतिक्रमण की समस्या से लोगों को मुक्ति दिलानी होगी। सुबह से लेकर देर शाम तक जाम लगा रहता है। जिससे लोग परेशान हो उठते हैं। बाईपास स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य का मार्ग प्रशस्त नहीं हो सका। जिससे भारी वाहन भी शहर से गुजरते हैं। ऐसे में शहर में वाहनों की पार्किंग व्यवस्था कराने के साथ ही जाम व अतिक्रमण से निजात दिलाने की पहल करनी होगी।
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