क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों को 72 घंटे में भुगतान करने का दावा फेल साबित हो रहा है। धान बेचने के बाद किसानों को भुगतान के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिले में दो हजार से अधिक किसान धान बेचने के बाद सप्ताह भर से भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं।
जिले में धान खरीद के लिए कुल 46 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें 18 खाद्य विभाग व 28 पीसीएफ के हैं। एक नवंबर से जिलेभर में समर्थन मूल्य पर धान खरीद की जा रही है। क्रय केंद्रों पर किसानों को होने वाली परेशानी को देखते हुए विभाग ने टोकन की व्यवस्था समाप्त कर दी है। इसके अलावा किसानों को 72 घंटे के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। मगर विभागीय अधिकारियों का यह दावा फेल साबित हो रहा है।
जिले में दो हजार ऐसे किसान हैं, जिनका धान खरीदने के बाद भुगतान नहीं हो सका है। वे भुगतान के लिए क्रयकेंद्रों की परिक्रमा कर रहे हैं। नगर के कुसुमी स्थित क्रयकेंद्र पर 185 किसानों से 6785 क्विंटल की धान की खरीद हुई है। इनमें 137 किसानों का 98 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। 48 किसान को 34 लाख रुपये का भुगतान किया जाना है। शनिवार को सोनाही क्रय केंद्र पर 9 किसानों से 360 क्विंटल धान की खरीद हुई है। अब तक 278 किसानों से धान की खरीद हुई है।
इसमें 256 किसानों को भुगतान हुआ है। 22 किसानों को अब तक भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान के लिए किसान चक्कर लगर रहे हैं। यही हाल रानीगंज, पट्टी, लालगंज व कुंडा में स्थित क्रयकेंद्रों का है। डिप्टी आरएमओ अजीत तिवारी ने बताया कि 80 प्रतिशत किसानों का भुगतान हो चुका है। शेष किसानों को भी जल्द भुगतान किया जाएगा।