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जिले के 146 हेल्थ वर्कर्रो को लगा कोरोना का पहला टीका

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महिला अस्पताल में कोविड टीका लगवाने के बाद कार्ड दिखाते स्वास्थ्यकर्मी। - फोटो : PRATAPGARH
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कोरोना महामारी के खात्मे के लिए शनिवार से शुरू हुए टीकाकरण अभियान के पहले ही दिन स्वास्थ्य विभाग को बड़ा झटका लगा। आधे से भी अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी टीकाकरण के लिए नहीं आए। टीकाकरण के लिए बनाए गए तीन बूथों पर तीन सौ लोगों को वैक्सीन दी जानी थी, लेकिन सिर्फ 146 लोग ही पहुंचे। 154 लोग गायब रहे। टीकाकरण के दौरान छह लोग अचते हो गए। हालांकि कुछ देर बाद उनकी हालत सामान्य हो गई। जिला महिला अस्पताल में डीएम की मौजूदगी में डॉक्टर राजीव त्रिपाठी को कोरोना का पहला टीका लगा।
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कोरोना के खिलाफ शनिवार से शुरू हुए टीकाकरण अभियान में शासन की ओर से बने पोर्टल पर पहले दिन जिले में तीन सौ हेल्थ वर्करों को टीका लगाए जाने की अनुमति मिली थी। जिन लोगों को टीका लगाया जाना था, उनका नाम शुक्रवार दोपहर में ही पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया था। सभी के मोबाइल पर मैसेज भेजने के साथ फोनकर भी सूचना दी गई थी। सभी कर्मचारियों को नौ बजे टीकाकरण बूथ पर बुलाया गया था। टीकाकरण के लिए जिला महिला अस्पताल, रानीगंज और कुंडा सीएचसी को बूथ बनाया गया था।
सुबह नौ बजे प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण हुआ। जिला महिला अस्पताल में जिलाधिकारी डॉक्टर नितिन बंसल, सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीडीओ अश्वनी कुमार पांडेय के सामने सुबह 11 बजे जिला अस्पताल के डॉक्टर राजीव त्रिपाठी को कोरोना का टीका लगाया गया। इसके बाद उन्हें अतिरिक्त वार्ड में बैठा दिया गया। इसके बाद जिला अस्पताल के एलटी सौरभ मिश्र और जिल महिला अस्पताल की डॉक्टर पारुल सक्सेना को टीका लगाया गया।
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जिला महिला अस्पताल में दोपहर तीन बजे तक कुल 47 हेल्थ वर्करों को टीका लगाया गया। रानीगंज में पीएम के लाइव प्रसारण के बाद अधीक्षक अभिषेक सिंह, एसडीएम राहुल यादव, सीओ अतुल अंजान, बीपीएम दीपक श्रीवास्तव की निगरानी टीकाकरण शुरू हुआ। सबसे पहले रानीगंज सीएचसी के स्वीपर अनीस को टीका लगाया गया। इसके बाद हेल्थ वर्कर संजय कुमार व आंगनबाड़ी शकुतंला देवी को टीका लगाया गया। रानीगंज में शाम चार बजे तक 56 हेल्थ वर्करों को टीका लगाया गया।
कुंडा सीएचसी में अधीक्षक दिनेश, बीसीपीएम आशीष व डॉक्टर आनंद सिंह के साथ एसडीएम कुंडा की निगरानी में टीकाकरण शुरू हुआ। सबसे पहले महराजपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शीला देवी को टीका लगाया गया। शाम पांच बजे तक चले टीकाकरण अभियान में कुल 43 हेल्थ वर्करों को टीका लगाया गया। जिलेभर में कुल 146 हेल्थ वर्करों को टीका लगाया गया।
टीकाकरण के दौरान भूल गए गाइड लाइन
टीकाकरण के दौरान स्वास्थ्य विभाग शासन की गाइड लाइन को पूरी तरह से भूल गया। टीका लगाए जाने के बाद आधे घंटे के लिए हेल्थ वर्करों को एक अतिरिक्त वार्ड में जरूर रखा जा रहा था, मगर बाहर निकलने के बाद वह लोगों से मिलजुल रहे थे। शासन ने आदेश दिया था कि कोरोना का टीका लगवाने वाले लोगों को मॉस्क जरूर पहनना होगा। वार्ड में रखे जाने पर कोई उनके करीब नहीं जाएगा। मगर जिला महिला अस्पताल में ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। टीकाकरण के बाद लोग हेल्थ वर्करों से मिल रहे थे।
खाली पेट टीका लगवाने के कारण हुए अचेत
जिला महिला अस्पताल में टीकाकरण के बाद तीन डॉक्टरों को चक्कर आने लगे। सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने जब डॉक्टर पारुल सक्सेना से जानकारी ली तो पता चला कि वह खाली पेट टीका लगवाने आ गईं। इससे उन्हें चक्कर आने लगे। हालांकि कुछ देर बाद वह ठीक हो गईं। इसी तरह महिला अस्पताल में क्वालिटी मैनेजर के पद पर तैनात डॉक्टर हरिश्चंद्र टीकाकरण के बाद गश खाकर गिर गए। सूचना पर सीएमओ पहुंचे। हालांकि पांच मिनट बाद वह भी ठीक हो गए।
बिना घबराहट के लगवाएं कोरोना का टीका
। शनिवार को टीका लगवाने के बाद स्वास्थ्य कर्मचारी पूरी तरह प्रसन्न नजर आए। उन्होंने कहा कि टीका लगवाने के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं हो रही है। उनका कहना है कि घबराने के बजाए बिना किसी डर के टीका लगवाएं। यह पूरी तरह सुरक्षित है।
कोरोना टीकाकरण के लेकर लोगों के मन में तरह-तरह की गलत भावनाएं हैं। टीका लगवाने के बाद कोई दिक्क्त नहीं हो रही है। सबसे पहले मैंने खुद बूथ पर जाकर टीका लगवाया। मुझे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। यदि मौका मिलेगा तो पूरे परिवार को बूथ पर भेजकर टीका लगवाऊंगा।
डॉक्टर राजीव त्रिपाठी, फिजियोथेरेपिस्ट जिला अस्पताल।
कोरोना काल में जब मैं बगैर डरे लोगों की सेेवा कर रहा था तो अब टीका लगवाने से पीछे क्यों हो हटूं। काफी इंतजार के बाद वैक्सीन आई है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को जाता है। इससे अब कोरोना पर काबू पाया जा सकता है। मैंने टीका लगवा लिया है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
सौरभ मिश्र, एलटी, जिला अस्पताल।
कोरोना का टीका लगवाने को लेकर मैं बहुत डरी हुई थी। शुक्रवार रातभर सो नहीं पाई। बिना खाना खाए अस्पताल चली आई। टीका लगाए जाने के बाद हल्का सा चक्कर आया, मगर किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। सभी को बिना भय के बूथ पर जाकर टीका लगवाना चाहिए।
डॉक्टर पारुल सक्सेना, जिला महिला अस्पताल।
कोरोना का टीका लगवाने से बुखार या फिर दर्द की शिकायत हो सकती है, मगर इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बचपन में जिस तरह पोलियो, हेपेटाइटिस बी, टीबी सहित अन्य टीके लगाए जाते हैं, ठीक उसी तरह कोविड का भी टीका लगाया जा रहा है।
डॉक्टर हरिश्चंद्र, क्वालिटी मैनेजर, महिला अस्पताल।
कोरोना का टीका लगाए जाने से जरा सी भी दिक्कत नहीं हो रही है। इसलिए आप सबसे भी अपील है कि बूथ पर जाकर टीका जरूर लगवाएं। इससे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है। अफवाहों पर ध्यान न दें।
सत्यम पांडेय, एलटी, जिला अस्पताल।
कोरोना का टीका लगाते समय पता ही नहीं चलता है। किसी प्रकार की गलत धारणा मन में न रखें। खाना खाकर बूथ पर जाकर टीका लगवाएं। इससे खुद सुरक्षित रहेंगे और परिवार को भी सुरक्षित रखेंगे।
वंदना सिंह, स्टाफ नर्स, महिला अस्पताल।

महिला अस्पताल में कोविड टीका लगने के बाद तबियत खराब होने पर डा0 हरीश्चन्द्र का इलाज करते चिकित्सक- फोटो : PRATAPGARH

महिला अस्पताल में जिलाधिकारी के सामने डा0 राजीव त्रिपाठी को कोविड का पहला टीका लगाती नर्स।- फोटो : PRATAPGARH

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