प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत जिले में जीरो बैलेंस पर तेजी से खाते खुले लेकिन, अब आधे खातों का संचालन ठप पड़ गया है। जन-धन योजना के तहत जिले में 5,61,493 खाते अभी तक खुले हैं। इनमें से 1,81,432 खाते ऐसे हैं, जिनमें अभी तक लेन-देन ही नहीं हुआ है। जिले के विभिन्न बैंकों को इन ग्राहकों के आने का इंतजार है।
प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत जिले में जीरो बैलेंस पर खाता खोलने का अभियान अब भी जारी है। गांवों में बीसी सीखी ग्रामीणों के खाते खुलवा रही हैं। मगर इन खाताधारकों को चेकबुक नहीं जारी होती है और खातों से रुपये निकालने की एक सीमा होती है। जिले में अभी तक प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत 5,61,493 लोग जीरो बैलेंस पर अपने खाता खुलवा चुके हैं।
जिले की राष्ट्रीयकृत शाखाओं में खाते खुलवाने वालों में 1,81,432 खातेदार ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक लेन-देन ही नहीं किया है। मतलब न तो रुपये जमा किए और न ही निकाले। जन-धन योजना के 2,56,748 खातेदार ऐसे हैं, जिनका खाता सिर्फ सब्सिडी पर चल रहा है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला गैस योजना, कृषि विभाग से बीज पर मिलने वाले अनुदान की राशि खाते में आती है और लोग अपनी जरूरत के हिसाब से निकालते हैं। जिले के 1,23,313 खातेदार ऐसे हैं, जो बराबर बैंकों से लेन-देन कर रहे हैं।
बैंकों में बंद होने वाले खातों को संचालित करने के लिए ग्राहकों को अपना आधारकार्ड, पैनकार्ड और फोटो के साथ ही फार्म भरकर जमा करना होता है। मगर आलम यह है कि खाता खुलवाने के बाद दोबारा लोगों के बैंक नहीं आने से इन खातों का संचालन प्रारंभ नहीं हो पा रहा है।
प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत अभी भी बैंकों में खाते खुल रहे हैं। जो खाते निष्क्रिय हैं, उन्हें संचालित करने के लिए खाताधारकों को आधारकार्ड, पैनकार्ड और फार्म भरकर जमा करना होता है। अमित वाजपेयी, एलडीएम