उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग की टीम शनिवार को अजगरा स्थित यक्ष-युधिष्ठिर संवाद स्थल पहुंची। लखनऊ के शकुंतला मिश्र विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रोफेसर अवनीश चंद्र मिश्र ने संग्रहालय में रखे गए अवशेषों का निरीक्षण किया। कहा, संग्रहालय में रखी गईं सामग्रियां पाषाण काल से लेकर आधुनिक काल तक के क्षेत्रीय इतिहास की स्पष्ट झलक हैं।
विशेष रूप से नहुष-यक्ष और पांडवों का उल्लेख करने वाली ब्राह्मी लिपि के ईसा पूर्व के प्रस्तर लेख तो भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में अब तक प्राप्त पहले प्रमाण हैं। इन खोजों के लिए प्रो.अवनीश ने निर्झर प्रतापगढ़ी की प्रशंसा की। कहा, इस योगदान के लिए उन्हें केंद्र और राज्य सरकार से सम्मानित किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के बाद प्रो.मिश्र ने मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। उन्हें अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। बता दें, वर्ष 2004 में तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक राजाराम पांडेय और जिलाधिकारी आरएस वर्मा के सहयोग से निर्झर प्रतापगढ़ी ने अजगरा में पुरातत्व एवं लोककला संग्रहालय की स्थापना की थी। इस अवसर पर प्रयागराज मंडल के पुरातत्व अधिकारी डॉ.रामनरेश पाल सहित अनेक विशिष्टजन मौजूद थे। संवाद