Many candidates could not even match NOTA by spending lakhs in elections
लाखों रुपये खर्च कर चुनाव लड़ने वाली कुछ पार्टियों के साथ ही कई निर्दल प्रत्याशी नोटा के बराबर भी वोट नहीं हासिल कर सके। यह हाल कुंडा और बाबागंज विधान सभा में रहा। कुंडा में नोटा को 2161 व बाबागंज में 1959 लोगों ने पसंद किया।
चुनाव में कई पार्टियों के प्रत्याशियों ने लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन वह लोगों को लुभाने में नाकाम रहे। हालत यह रही कि नोटा के बराबर भी वोट नहीं पा सके। कुंडा में कांग्रेस से योगेश यादव प्रत्याशी थे। उन्होंने चुनाव में सभी प्रत्याशियों से ज्यादा खर्च किया था। इसके साथ ही उनके साथ उत्तराखंड से आईं दो आब्जर्वर चुनाव की मानीटरिंग कर रही थीं।
इसके बाद भी उन्हें महज 549 वोट मिले। इसी तरह बहुजन मुक्ति पार्टी से लड़ रहे धर्मराज को 1984 वोट मिले। इसके अलावा निर्दल रहे जयेश सिंह को 1368, तनवीर को 493, धीरेंद्र को 400, सीमा को 380, हरिवंश को 895 वोट मिले। इसी तरह से बाबागंज विधानसभा में भी कांग्रेस पार्टी नोटा के करीब नहीं पहुंच पाई। कांग्रेस को 1501 वोट मिले। बहुजन मुक्ति पार्टी के राम प्रताप सरोज को 1245 वोट, निर्दल विनोद को 1050, सीताराम को 1120 वोट ही मिले। जबकि नोटा के वोट इससे ज्यादा रहे।