स्नान-दान के साथ बेल्हा में मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। कुंडा के कालाकांकर घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। घाट पर विधि-विधान से पूजन अर्चन कर खिचड़ी दान की गई। घरों में भी भगवान को खिचड़ी का भोग लगाकर लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। जगह- जगह मंदिरों में पूजन अर्चन व दान-पुण्य का कार्य चलता रहा।
कुंभ के पहले शाही स्नान मकर संक्रांति पर डुबकी लगाने के लिए एक ओर जहां श्रद्धालुओं का जत्था प्रयागराज जा रहा था, तो वहीं जिले के कालाकांकर घाट पर भी लोग बड़ी संख्या में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए जुटे। महिलाओं, पुरुष और बच्चे सभी आस्था की डुबकी लगाने को आतुर दिखे। मानिकपुर घाट के सुंदरीकरण के कार्य के चलते स्नान पर रोक लगा दी गई थी।
इससे कालाकांकर घाट पर भारी भीड़ रही। घाट पर अव्यवस्था न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी वाहनों को जगह-जगह रोक दे रहे थे। इसके अलावा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला व पुरुष सिपाहियों की तैनाती की गई थी।
श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान करने के बाद घाट पर वैदिक मंत्रों के बीच गो दान किया। असहायों एवं गरीबों को खिचड़ी दान की गई। शाम आठ बजे तक स्नानार्थियों के आने का क्रम लगा रहा। इसके अलावा घरों में भी लोगों ने स्नान कर सूर्य को अर्घ दिया। खिचड़ी से सजी थाली को स्पर्श कर विधि- विधान से पूजन किया। इसके बाद गरीबों एवं असहायों को दान किया।
शहर में ट्रेजरी चौराहे पर स्थित हनुमान मंदिर में ब्रह्मदेव समाज द्वारा खिचड़ी वितरण किया गया। हजारों लोगों ने स्टाल पर पहुुंचकर खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। इसी तरह बाबागंज में भाजपा कार्यालय के समीप खिचड़ी का प्रसाद वितरण किया गया। टक्करगंज, स्टेशनरोड, जेल रोड सहित सभी मंदिरों में पूजन अर्चन का दौर चलता रहा।