अब कौन बनेगा मासूम बच्चों का सहारा
अर्जुन वर्मा की मौत के बाद अनीता अपने दोनों बेटे करन व अरकम के साथ अकेले रहती थी। मेहनत मजदूरी कर बच्चों का पालन पोषण कर रही थी। बच्चे अभी स्कूल नहीं जाते। ऐसे में मां के भी चले जाने के बाद अब इन बच्चों का सहारा कौन होगा यह अस्पष्ट है।
सात माह पहले भी सचिन ने खाया था जहरीला पदार्थ
ग्रामीणों के अनुसार सात माह पहले भी सचिन ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की थी। प्रयागराज के एसआरएन में करीब पंद्रह दिन तक उसका उपचार चला था। सचिन व अनीता के बीच करीब तीन साल से नजदीकियां थीं। अनीता और सचिन शादी करना चाहते थे लेकिन दोनों के परिवार वाले इस बात पर राजी नहीं थे। इससे परेशान होकर सचिन ने जान देने की कोशिश की थी।