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महिला अस्पताल से सामान भेजवाने के मामले में शुरू हो गई लीपापोती

Tue, 04 Jun 2019 12:28 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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जिला महिला अस्पताल के सामान को ट्रक से जौनपुर भेजने के मामले में प्रशासन ने लीपापोती शुरू कर दी है। सीएमएस हर दिन अलग-अलग बयान दे रही हैं। पहले दिन सामान जौनपुर में संचालित खुद की दिव्यांग संस्था में भेजे जाने की बात कही तो दूसरे दिन रद्दी फर्नीचर और आलमारी के साथ बेड के गद्दे सहित अन्य सामान को मरम्मत के लिए भेजे जाने की बात कही।
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रविवार देर रात पुलिस ने सामान से लदे ट्रक को अस्पताल भेज दिया। जिसके बाद सीएमएस ने मजदूर लगवाकर सामान ट्रक से उतरवाने के बाद आलमारी में रखवा दिया। उधर, एडी स्वास्थ्य ने प्रयागराज मंडल से तीन टीमों का गठन करके इस मामले में जांच शुरू करवा दी है।

जिला महिला अस्पताल से लाखों रुपये के सामान को रद्दी बताकर सीएमएस डा. रीता दूबे शनिवार शाम ट्रक से जौनपुर भेजवा रही थीं। बलीपुर स्थित पेट्रोलपंप के पास कुछ लोगों ने चालक को रोक लिया। इसकी सूचना एसपी को दी।
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एसपी के निर्देश पर सीओ सिटी, भंगवा चौकी इंचार्ज के साथ डायल 100 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक चालक से कागजात मांगे तो वह महज सामान उतारने वाले स्थान का पता दिखा सका। उसने बताया कि सीएमएस सामान को अपने घर भेजवा रही हैं। एक ट्रक सामान पहले ही जा चुका है। पुलिस सरकारी सामान से भरे ट्रक को चालक के साथ कोतवाली लेकर चली गई।

इस दौरान ट्रक को रोकने वाले लोगों ने फोन पर सीएमएस से बात की तो उन्होंने कहा कि उनके घर पर दिव्यांग संस्था संचालित होती है। सरकारी अस्पताल के सामान को संस्था में भेजवा रही हैं। ट्रक पर लदे सामान रद्दी हैं। दूसरे दिन सीएमएस ने अपना बयान बदलते हुए कहा कि सामान मरम्मत के लिए भेजे जा रहे थे। पुलिस ने उसे पकड़ लिया है।

ट्रक को छुड़वाकर उस पर लदे सामान को मरम्मत कराने के लिए भेजा जाएगा। देर रात उन्होंने कागजी कोरम पूरा करने के बाद कोतवाली पुलिस से साथ सांठगांठ की। कोतवाली से सामान से लदे ट्रक को छुड़वाकर महिला अस्पताल ले आईं। फिर सारे सामान स्टोर में रखवा दिए गए। उधर, सीएमओ एके श्रीवास्तव का कहना है कि महिला अस्पताल का मामला है। उसकी जिम्मेदार अफसर सीएमएस हैं।

तहरीर महिला अस्पताल के  स्वास्थ्य कर्मचारी देंगे। एडी स्वास्थ्य एके पालीवाल ने बताया कि तीन टीमों का गठन करके इस मामले की जांचकर सप्ताह भर के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है।

यदि सीएमएस दोषी मिलीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पकड़े गए सामान को किस आधार पर पुलिस ने छोड़ दिया, सामान को महिला अस्पताल के स्टोर रूम में कैसा रखवा दिया गया, इसकी भी जांच कराई जाएगी। 
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