कुंडा सीएचसी की ब्लड स्टोरेज यूनिट, ब्लड बैंक खुद ही एनीमिक हो गया है। 12 यूनिट वाले इस बैंक में मौजूदा समय में महज दो यूनिट ही खून बचा हुआ है। ऐसे में यदि किसी को जरूरत पड़ी तो ब्लड मिल पाना मुश्किल है। उसे प्रतापगढ़ या फिर प्रयागराज का चक्कर काटना पड़ेेगा।
कुंडा से प्रतापगढ़ की दूरी 55 किमी है, जबकि प्रयागराज की दूरी 52 किमी है। ऐसे में यदि मरीजों को समय रहते खून नहीं मिलता है तो उनकी जान चली जाती है। इस समस्या को देखते हुए 12 यूनिट ब्लड स्टोर करने के लिए ब्लड बैंक बना हुआ है। फिलहाल बैंक में जमा दो यूनिट में से एक यूनिट ए पॉजिटिव तो एक यूनिट बी पॉजिटिव खून है।
इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन चार से सात यूनिट खून की खपत होती है। ऐसे में मरीजों के साथ आने वाले उनके तीमारदार को खून के लिए परेशान होना पड़ता है। प्रसव पीड़िताओं को जरूरत के समय खून नहीं मिल पा रहा है। वहीं निगेटिव ग्रुप का एक भी यूनिट खून नही है।
मेडिकल कॉलेज से ले जाते हैं ब्लड
गर्भवती महिलाओं को बगैर डोनर कार्ड रक्त मुहैया कराने का शासन ने आदेश दे रखा है। इसका फायदा कुंडा सीएचसी के लोग उठा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर व मेडिकल कॉलेज से दो से तीन यूनिट खून लेकर जाते हैं और जांच कर तीमारदारों को थमा देते हैं।