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कालाकांकर और प्रतापगढ़ राजघराने में छिड़ी सियासी जंग 

Tue, 26 Mar 2019 12:10 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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1989 का लोकसभा चुनाव प्रतापगढ़ के लिए जिनता दिलचस्प था उतना ही कठिन भी। इस चुनाव में एक तरफ जहां जिले के दो राजघरानों में सियासी जंग छिड़ गई तो दूसरी तरफ मतदान के एक दिन पहले तक जिले की जनता अपना सांसद चुनने को लेकर पशोपेश में थी।
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लड़ाई कांग्रेस से कालाकांकर राजघराने के राजा दिनेश सिंह और प्रतापगढ़ राजघराने के राजा अभय प्रताप सिंह के बीच थी। कांटे के मुकाबले में अंतत: बाजी राजा दिनेश सिंह के हाथ लगी, लेकिन उनकी जीत का अंतर बहुत मामूली था। वह राजा अभय प्रताप सिंह से सिर्फ 4206 मतों से ही जीत हासिल कर सके। 

वर्ष 1989 में आम चुनाव के एलान के साथ ही दो राजघराने आमने-सामने आ गए। कांग्रेस ने अपने सिटिंग सांसद राजा दिनेश सिंह पर भरोसा जताते हुए उन्हें फिर चुनावी समर में उतारा। कुछ ही दिनों बाद जनता दल ने प्रतापगढ़ राजघराने के राजा अभय प्रताप सिंह पर दांव लगाते हुए उन्हें प्रत्याशी घोषित कर दिया। दो राजघरानों का चुनावी दंगल बेहद दिलचस्प रहा।
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कलेक्ट्रेट में नामांकन के दौरान दोनों राजघरानों के समर्थकों के बीच जोरदार नारेबाजी होती रही। हालांकि इसके विपरीत दोनों प्रत्याशियों ने एक-दूसरे का पूरा सम्मान किया। दो राजघरानों के आमने-सामने होने के बाद जिले की जनता भी अपना नेता चुनने को लेकर मुश्किल में पड़ गई थी। वोट किसे देना है, यह लोग तय नहीं कर पा रहे थे। यह सस्पेंस मतदान से एक दिन पहले तक बना रहा।

मतदाता खुद को असहज महसूस कर रहे थे। परिणाम आया तो कांग्रेस के राजा दिनेश सिंह को 165870 मत मिले। जबकि जद प्रत्याशी राजा अभय प्रताप सिंह को 161664 वोट। कांटे की टक्कर में राजा दिनेश सिंह अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे। राजा अभय प्रताप सिंह को उन्होंने 4206 मतों से परास्त किया था। 

प्रत्याशियों को मिले मत

प्रत्याशी                    दल                मत

राजा दिनेश सिंह        कांग्रेस           165870
राजा अभय प्रताप       जनता दल     161664
वीरेंद्र कुमार                बीएसपी        31429
आरपी मिश्रा               एलकेडी         21603
इमरान                      आईएनडी       10171
कुमुदनीपती                आईएनडी       7017
जयराम सरोज              एसएसडी       6666
छेदीसिंह                      डीडीपी           4362
अब्दुल खालिक             आईएनडी       2233
रहमतउल्ला                  आईएनडी       2221
राजाराम                      आईएनडी        2018
राम अभिलाष                आईएनडी       1862
अब्दुल हमीद                आईएनडी        1618
रामसुमेर                      आईएनडी         843


वीपी सिंह और मुलायम ने संभाली चुनाव की कमान 
वर्ष 1989 के आम चुनाव में जनता दल के प्रत्याशी राजा अभय प्रताप सिंह के पक्ष में माहौल बनाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, राम विलास पासवान, जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद, चौधरी अजीत सिंह, जनेश्वर मिश्रा ने रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था।

रामलीला मैदान में भारी भीड़ नेताओं को सुनने पहुंची थी। नेताओं की अपील भी जनता के दिलों पर असर कर गई। जिसके चलते राजा दिनेश सिंह को जीत के लिए पसीना बहाना पड़ा।

रामपुर खास में 23 स्थानों पर हुआ था रीपोल का आदेश
आम चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में प्रभावशाली लोगों ने जमकर बूथ कैप्चरिंग की थी। मतदान के बाद सबसे अधिक रामपुर खास विधानसभा में बूथ कैप्चरिंग का मामला सामने आया था। जिला प्रशासन ने रामपुर खास में 23 मतदान केंद्रों पर दुबारा चुनाव कराया था।

कचहरी में तीन घंटे तक डीएम को बनाया गया था बंधक
आम चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग से जिला प्रशासन की जमकर किरकिरी हुई थी। मतदान के दूसरे दिन पुलिस लाइन के पास खाली बक्शा रिक्शा पर लादकर ले जाते हुए जनता दल प्रत्याशी के चुनाव संयोजक ओम प्रकाश पांडेय ने पकड़ लिया था। इसके बाद कचहरी में जमकर बवाल हुआ था।

जनता दल के नेताओं ने कचहरी में तीन घंटे तक तत्कालीन डीएम वीएन पांडेय को बंधक बना लिया। इसके बाद उन्होंने रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी। जिसके बाद दोबारा मतदान हुआ। यदि दोबारा मतदान न हुआ होता तो राजा दिनेश सिंह की जीत का अंतर और अधिक रहता।
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