शहर के मीराभवन स्थित स्टेडियम में कबड्डी प्रशिक्षक का करीब पखवाड़े भर पहले स्थानांतरण होने के बाद खिलाड़ियों के सामने अभ्यास का संकट खड़ा हो गया है। वर्तमान में स्टेडियम में करीब 50 कबड्डी खिलाड़ी पंजीकृत हैं, जो नियमित प्रशिक्षण के लिए यहां आते हैं।
प्रशिक्षक के अभाव में खिलाड़ी आपस में ही अभ्यास कर रहे हैं, इससे उनकी तकनीकी तैयारी प्रभावित हो रही है। जुलाई से स्कूल स्तरीय, फेडरेशन और विभिन्न आमंत्रण कबड्डी प्रतियोगिताओं का सिलसिला शुरू होने वाला है। ऐसे समय में प्रशिक्षक का स्थानांतरण खिलाड़ियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
खिलाड़ियों ने खेल विभाग से जल्द से जल्द नए कबड्डी प्रशिक्षक की नियुक्ति करने की मांग की है। प्रभारी जिला क्रीड़ाधिकारी रंजीत कुमार यादव ने बताया कि कबड्डी कोच की नियुक्ति के लिए पत्र भेजा जाएगा।
इनसेट-
प्रशिक्षक के बगैर अभ्यास करने से नई तकनीक सीखने, फिटनेस बनाए रखने और रणनीति तैयार करने में कठिनाई हो रही है।
अनुज शुक्ला, खिलाड़ी
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प्रतियोगिताओं का समय शुरू होने वाला है, ऐसे में प्रशिक्षक का स्थानांतरित हो गया। जिस कारण अभ्यास में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
मो. जैद खिलाड़ी
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हम लोग आपस में टीम बनाकर अभ्यास कर रहे हैं। प्रशिक्षक होने पर इसका अलग ही असर पड़ता है। वह हमारे खेल गतिविधियों पर नजर रखकर कमियों को बताते हैं।
नितिन कुमार खिलाड़ी
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नियमित कोचिंग से प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन होता है। कोच समय पर न मिले तो प्रतियोगिता में प्रदर्शन प्रभावित होना तय है।
विपिन पाल खिलाड़ी