फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pratapgarh News: जून में कम हुई बारिश, धान का रकबा भी घटा

विज्ञापन
विज्ञापन
मानसून नहीं आने से जिले में सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। मौसम में बदलाव को देखते हुए इस साल धान का रकबा भी 15 फीसदी तक कम होने की आशंका है। जून में लक्ष्य के सापेक्ष महज 26 फीसदी ही वर्षा हुई है। इस कारण धान की फसल पर संकट के बादल छाए हुए हैं।
विज्ञापन

जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जून में 82.20 मिमी के सापेक्ष महज 21.40 मिमी बारिश हुई है। जबकि बीते साल इसी दौरान 82.20 मिमी लक्ष्य के सापेक्ष 87.80 मिमी बारिश जिले में दर्ज की गई थी। मई में 10.10 मिमी के सापेक्ष इस बार दो मिमी बारिश हुई, जबकि बीते साल 15.20 मिमी बारिश हुई थी। अप्रैल में इस साल 6.20 मिमी के सापेक्ष 3.20 मिमी बारिश हुई जबकि बीते साल इसी दौरान 9.40 मिमी बारिश हुई थी। बारिश नहीं होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

धान की नर्सरी जून में डाली है। हर तीसरे दिन सिंचाई करनी पड़ रही है। बारिश नहीं होने के कारण नर्सरी की वृद्धि नहीं हो रही है। सूखे जैसे हालात में धान की फसल काफी मुश्किल वाली होगी।
विज्ञापन

बच्चा शुक्ला, अमरौना
धान की नर्सरी खेत में डाली है। एक सप्ताह में नर्सरी तैयार हो जाएगी। बिना बारिश के धान लगाना जोखिम भरा है। बारिश होने पर ही फसल को फायदा होगा। नहीं तो सिंचाई में दिक्कत होगी।
अमित कुमार, श्रीकांत पुर
जहां पानी नहीं वहां करें मोटे अनाज की बोआई
जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि बीते साल जिले में 1.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की बोआई की गई थी। इस बार बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। ऐसे में धान की फसल का रकबा करीब 15 फीसदी तक कम होने का अंदेशा है। किसानों को ज्वार, बाजरा, मक्का समेत अन्य फसलों के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें