अनियमित जीवन शैली, खराब खानपान व लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने वाली आदतें लोगों को पाइल्स (बवासीर) का रोगी बना रही हैं। मेडिकल कॉलेज में सप्ताहभर में करीब 500 मरीज पाइल्स का इलाज कराने पहुंचे हैं। अधिकांश मरीजों को चिकित्सकों ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी है।
मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. केके तिवारी ने बताया कि पाइल्स का मुख्य कारण कब्ज है। देर रात तक जागने की आदतें और तला भुना खाने के चलते बीमारी लोगों को जकड़ रही है। उन्होंने बताया कि अधिक तेल, मसाले वाले खाद्य पदार्थ से दूरी बनाएं। फाइबर युक्त भोजन, पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन फायदेमंद है। खीरे का सेवन लाभदायक है। नियमित व्यायाम करें।
उन्होंने कहा कि अगर कब्ज को समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो पाइल्स होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पाइल्स के लक्षण दिखने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। समय पर इलाज, सही खानपान और नियमित आदतों से इस बीमारी को शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रित किया जा सकता है।