जेठवारा से लालगोपालगंज रामबनगमन मार्ग पर जाम लगाए ग्रामीणों को समझाते सीओ मनोज रघुवंशी। पुलिस
कानूपुर चौराहे पर बृहस्पतिवार को सड़क हादसे में बुजुर्ग रामआसरे विश्वकर्मा की मौत से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को भड़क गया। आक्रोशित परिजन व ग्रामीण सुबह पांच बजे राम वन गमन मार्ग पर पहुंचे और शव रखकर जाम लगा दिया। करीब आठ घंटे बाद दोपहर एक बजे पुलिस के आश्वासन पर लोग सड़क से हटे और जाम खुलवाया गया।
परिजनों ने सीओ सदर मनोज रघुवंशी से हल्का दरोगा लक्ष्मीकांत के तबादले के साथ आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की। वहीं, ग्रामीणों ने कानूपुर चौराहे पर स्पीड ब्रेकर और बैरिकेडिंग लगाए जाने की मांग की। ग्रामीण और सीओ सदर के बीच हुई बातचीत के बाद दोपहर करीब एक बजे जाम खुला।
फिर भड़का गुस्सा
सीओ सदर के आश्वासन के बाद परिजनों ने शव सड़क से हटाकर किनारे रखा लेकिन विरोध जारी रहा। आश्वासन पर अमल न होता देख नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फिर से भड़क उठा। दोपहर करीब एक बजे फिर से ग्रामीण सड़क पर बैठ गए। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत के दौरान हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
आठ घंटे आवागमन रहा ठप
ग्रामीण के आक्रोश की वजह से जेठवारा-लालगोपालगंज मार्ग (राम वन गमन) करीब आठ घंटे तक जाम रहा। इस वजह से वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोपहर करीब एक बजे जाम खुला तो लोगों को राहत मिली।
इनसेट-
जिंदगी-मौत से जूझ रही लक्ष्मी
साइकिल सवार रामआसरे विश्वकर्मा को बचाने दौड़ी भयाहू लक्ष्मी भी कार की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। वह मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। परिजनों के इलाज के लिए मुआवजे की मांग की है।
वर्जन-
परिजनों से मांगपत्र प्राप्त कर मदद का आश्वासन दिया गया है। कार चालक की तलाश की जा रही है। दोषी के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। - बृजनंदन राय, एएसपी पश्चिमी
जेठवारा से लालगोपालगंज रामबनगमन मार्ग पर जाम लगाए ग्रामीणों को समझाते सीओ मनोज रघुवंशी। पुलिस