सीएमओ कार्यालय में मेडिकल क्लेम की फाइल पास कराने के नाम पर 10 प्रतिशत रिश्वत मांगने के मामले में विभागीय जांच हुई तो कई और अफसरों पर गाज गिर सकती है। हालांकि अफसर अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
शुक्रवार को रिश्वत लेते विजिलेंस टीम ने स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी को रंगे हाथ पकड़ लिया। उसे शनिवार को गोरखपुर भेज दिया। स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी की मूल तैनाती कोहड़ौर सीएचसी पर थी। बीते दो साल पहले उसे सीएमओ कार्यालय से संबद्ध किया गया था। इस मामले में यदि विभागीय जांच शुरू हुई तो कई और अफसरों पर गाज गिर सकती है। शनिवार को सीएमओ कार्यालय में सन्नाटा पसरा था। मेडिकल क्लेम पास करने वाले कक्ष में ताला लटक रहा था। सूत्रों के अनुसार टीम डिप्टी सीएमओ के कमरे में पहले पहुंची। यहां किसी दूसरे कर्मचारी को घूस लेते पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी तो रिटायर्ड सीओ की शिकायत पर स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी के पास पहुंच गई। टीम की एक सदस्य ने रिटायर्ड सीओ की बेटी बनकर मेडिकल क्लेम पास कराने के नाम पर स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी को पैसे दिए।
तीन दिन से लगातार सीएमओ कार्यालय आ रही थी विजिलेंस टीम
सीएमओ कार्यालय में चर्चा है कि दो स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी बैठते हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी की शिकायत सतर्कता टीम (से हुई है। टीम तीन दिनों से भ्रमण कर रही थी। शुक्रवार को स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस लाइन लेकर चली गई।