जिले में मिले तब्लीगी जमात के तीन कोरोना संक्रमितों की देखभाल करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों पर तीन दिन के भीतर 2.61 लाख रुपये खर्च हो गए। टीम पर एक दिन के लिए विभाग को 87 हजार रुपये खर्च करना पड़ता था। खर्च कम करने के लिए अफसरों के निर्देश संक्रमित लोगों को प्रयागराज भेजा गया है।
कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को डाक्टरों समेत 25 स्वास्थ्य कर्मचारियों को रखा जाता है। सभी पीपीई किट से पूरी तरह लैस रहकर ड्यूटी करते हैं। जिले में तीन कोरोना पीड़ितों को पूरे केशवराय में तीन दिनों तक रखा गया। जिनकी देखभाल के लिए डॉक्टर समेत 25 स्वास्थ्य कर्मचारियों को लगाया गया। सभी को पीपीई किट पहनकर ही संक्रमित लोगों से बातचीत व उपचार करना होता था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक किट करीब 15 सौ रुपये की आती है। जिसे बदलकर ही स्वास्थ्यकर्मी मरीज के पास जा सकते हैं।
इसके अलावा सभी कर्मचारियों व डाक्टरों को क्वारंटाइन पर रखा जाता है। डाक्टरों को होटल में रखा जाता है। पंद्रह दिनों तक मरीजों की देखभाल करने के बाद वह 14 दिनों तक क्वारंटाइन हो जाते हैं। उनकी भी जांच कराई जाती है। डाक्टर समेत स्वास्थ्य कर्मचारियों के रहने व खाने से लेकर सभी व्यवस्थाओं पर तीन दिनों के भीतर करीब 2.61 लाख रुपये स्वास्थ्य विभाग को खर्च करने पड़े। तीन संक्रमित मरीजों पर आ रहे खर्च को देखते हुए सभी को प्रयागराज भेजने का निर्देश दिया गया। जिससे एक ही जगह पर मंडल के सभी कोरोना पीड़ितों को रखा जा सके। इससे खर्च कम आएगा।