प्रतापगढ़ ले जाकर पुष्टाहार बेचने के पांच महीने पुराने मामले में होलागढ़ की मुख्य सेविका प्रभारी सीडीपीओ सुशीला देवी, आराधना शुक्ला एवं मुख्य सेविका आशा देवी को निलंबित कर दिया गया है। निदेशक सरनीत कौर ब्रोका ने यह आदेश जारी करने के साथ पूरे मामले की जांच उप निदेशक पोषण एवं स्वास्थ्य को सौंपी है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
19 जून को प्रतापगढ़ के संग्रामगढ़ थाने की पुलिस ने एक बोलेरो में पुष्टाहार पकड़ा था। यह आंगनबाड़ी केंद्र के लाभार्थियों को दिया जाना था। पूछताछ में पता चला था कि होलागढ़ की प्रभारी सीडीपीओ सुशीला के पुत्र शेरू ने पुष्टाहार की बिक्री की थी। इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कृत्य, जालसाजी, भ्रष्टाचार, सरकारी खाद्यान्न को बेचने, अधिकारियों को गुमराह करने, विभाग की छवि धूमिल करने, वित्तीय अनियमितता समेत कई मामलों में एफआईआर लिखाई गई थी।
सीडीओ की ओर से गठित कमेटी की रिपोर्ट में ये आरोप सही पाए गए थे। मुख्य सेविका एवं प्रभारी सीडीपीओ आराधना शुक्ला, स्टोर प्रभारी मुख्य सेविका आशा देवी ने भी जांच में सहयोग न करके अफसरों को गुमराह करने की कोशिश की थी। ऐसे में इनकी भी भूमिका संदिग्ध पाई गई। इन आरोपाें में तीनों मुख्य सेविकाओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इसी के साथ सुशीला देवी को मेरठ, साधना शुक्ला को बांदा तथा आशा देवी को बदायूं जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।