जामा मस्जिद, नरसिंहगढ़ और सबलगढ़ (डेरवा) की 90,570 आबादी वाले हॉटस्पॉट एरिया में स्वास्थ्य विभाग अभी तक मात्र 323 लोगों का ही सैंपल लेकर जांच कराने के बाद जिले के कोरोना मुक्त होने का दावा कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक जो सैंपल लिया है, वह जमातियों के करीबियों तक ही सीमित रहा है।
जिले का स्वास्थ्य महकमा सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग करके यह दावा कर रहा है कि जिला कोरोना मुक्त हो गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि स्वास्थ्य विभाग जमातियों और उनके करीबियों तक ही सैंपल लेने में सिमटा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो हॉटस्पॉट वाले जामा मस्जिद में 24,421, नरसिंहगढ़ में 30,315 और सबलगढ़ (डेरवा) में 35,834 व्यक्तियों को होम क्वारंटीन किया गया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक जो सैंपल भेजा है, उसकी संख्या 323 है।
जिसमें से छह पॉजिटिव मिले थे, जो अब निगेटिव हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि बाहर से आने वाले लोगों में ही कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं। इसलिए उनके संपर्क में रहने वाले लोगों का सैंपल लिया जा रहा है, जबकि अन्य लोगों की थर्मल स्क्रीनिगं हो रही है। जबकि थर्मल स्क्रीनिंग से एक भी मरीज अभी तक पकड़ में नहीं आया है। जबकि शासन ने पहले ही अधिकाधिक सैंपल भेजने को कह रखा है।
शासन ने कोरोना संदिग्धों की जांच के लिए प्रतिदिन बीस से अधिक सैंपल भेजने को कहा है। आलम यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोटा पूरा करने के लिए 20 सैंपल से अधिक नहीं भेज रहे हैं। इससे लगता है कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह आश्वस्त हो गया है कि अब जिले में कोरोना के मरीज नहीं हैं।