जिले के हॉटस्पॉट वाले देल्हूपुर और डेरवा इलाके की बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाओं में तैनात कर्मचारियों को क्वारंटीन करने के बजाए दूसरी शाखाओं से संबद्ध कर दिया गया है। जबकि व्यवस्था यह है कि हॉटस्पॉट वाले सभी कर्मचारियों को क्वारंटीन किया जाना था। बैंक अफसरों की लापरवाही के चलते कोरोना जंग से लड़ने में जिला प्रशासन को झटका लग सकता है।
जिले के देल्हूपुर स्थित नरसिंहगढ़ और डेरवा के सबलगढ़ में तीन-तीन कोरोना मरीज मिले थे। जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए दोनों इलाके सील कर दिए। इससे बैंक की शाखाएं भी पूरी तरह बंद हो गईं। इन इलाकों के लोगों को घरों में क्वारंटीन किया गया है। मगर बैंक ऑफ बड़ौदा के अफसरों की लापरवाही का आलम यह है कि डेरवा और देल्हूपुर में तैनात कर्मचारियों को निकट की शाखाओं से संबद्ध कर दिया गया। आश्चर्य की बात तो यह है कि जिला प्रशासन एक तरफ हॉटस्पॉट इलाकों में लोगों को घरों बाहर नहीं निकलने दे रहा है, दूसरी तरफ बैंक अफसरों की लापरवाही का आलम यह है कि वहां के कर्मचारियों को क्वारंटीन करने के बजाए अन्य शाखाओं में भेज दिया।
इससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ गया है। इधर, इन दोनों बैंकों के कर्मचारियों की कोरोना जांच भी नहीं कराई गई है। एलडीएम अनिल कुमार ने बताया कि यह बात सही है कि डेरवा और देल्हूपुर शाखाओं में तैनात कर्मचारियों को अन्यत्र संबद्ध किया गया है, मगर यह कदम शीर्ष अफसरों ने उठाया है। इधर एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बैंक अफसरों के इस कदम को गलत ठहराया है।