भीषण गर्मी में ओवरलोड होने के चलते अगर ट्रांसफॉर्मर में खराबी आई तो उसे 48 घंटे के भीतर बदला जाएगा। चिलबिला स्थित बिजली विभाग की वर्कशॉप पर 25 केवीए व 63 केवीए क्षमता के 100 ट्रांसफॉर्मर सुरक्षित रखे गए हैं। ताकि खराबी आने पर इन्हें बदला जा सके।
मई के अंतिम दिनों में जिले में बिजली की खपत 145 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई है। ओवरलोड होने के चलते विभिन्न क्षमताओं के 250 ट्रांसफॉर्मर फुंक चुके हैं। खराब ट्रांसफॉर्मरों को सुधारने के साथ ही उसकी वेल्डिंग को हटाकर नट बोल्ट लगाया जा रहा है। इससे लाइनमैनों को ट्रांसफॉर्मर के तेल समेत अन्य खराबी का मौके पर ही पता चल सकेगा। साथ ही आसानी से फाल्ट को सुधारा जा सकेगा।
वहीं, शहरी क्षेत्र में खराब होने वाले ट्रांसफॉर्मरों को तत्काल बदला जाएगा। इसके लिए पांच नए ट्रॉली ट्रांसफार्मर की आपूर्ति की गई है। एक्सईएन राम आसरे प्रसाद चौरसिया ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 48 के भीतर खराब ट्रांसफॉर्मरों को बदला जाएगा। बिजली की मांग बढ़ने के बाद ओवरलोड के चलते ट्रांसफॉर्मरों में फाल्ट हो रहे हैं।