राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में हॉकी का अभ्यास करते खिलाड़ी। संवाद
हाथ में स्टिक लेकर दुनिया भर में देश और जिले के नाम रोशन करने और अपनी अलग पहचान बनाने के लिए हॉकी के हुनरमंद दिन रात पसीना बहा रहे हैं। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को अपना प्रेरणास्रोत मानने वाले जिले के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा बिखेर रहे हैं।
जिले के 150 से अधिक हॉकी खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतने का सपना लिए मैदान में पसीना बहा रहे हैं। खेलो इंडिया के तहत स्टेडियम में 30 हॉकी खिलाड़ी पंजीकृत हैं। इनमें नौ लकड़ियां हैं। जो खुद की पहचान बनाने के लिए मैदान में संघर्ष कर रही हैं। वहीं, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अनवर खान खुद की हॉकी सोसाइटी में सौ से अधिक खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। जिला क्रीड़ा अधिकारी पूनमलता राज व खेलो इंडिया के कोच खिलाड़ियों को हॉकी की बारीकियां सीखा रहे हैं।
1999 में अनवर ने दिखाया था दमखम
मेजर ध्यानचंद को अपना आदर्श मानने वाले शहर के पल्टन बाजार निवासी अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अनवर खान ने 1999 में जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में अपना दमखम दिखाया था। इंग्लैंड में हुए जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में वह मिड फील्डर के तौर पर खेले थे। अनवर बताते हैं कि वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया था। जर्मनी को सेमीफाइनल में 4-3 से शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि फाइनल में भारतीय टीम को आस्ट्रेलिया से 3-2 से शिकस्त मिली थी और रजत पदक से संतोष करना पड़ा था।
खिलाड़ियों का सपना देश के लिए पदक जीतना
हॉकी खिलाड़ी प्रिंसी यादव ने जूनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। प्रिंसी का सपना देश के लिए पदक जीतने का है। वह हर दिन पांच से छह घंटे अभ्यास करती हैं।
जूनियर वर्ग के राष्ट्रीय खिलाड़ी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि हॉकी में जनपद के कई खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अनवर खान जैसे खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया। मैं भी उन्हीं के नक्शे कदम पर चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करूंगा।
राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में हॉकी का अभ्यास करते खिलाड़ी। संवाद
राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में हॉकी का अभ्यास करते खिलाड़ी। संवाद
राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में हॉकी का अभ्यास करते खिलाड़ी। संवाद