पुलिस ने असलहा बेचने के आरोपी बताए जा रहे तीनों को पकड़कर जीप में बैठा लिया। इसकी जानकारी होने के बाद आरोपियों के परिवारीजन और ग्रामीण सड़क पर आ गए और बवाल करते हुए जीप में बैठाए गए प्रधानपति दिलीप उर्फ मोनू, संदीप शुक्ला उर्फ गोलू व गुड्डू मिश्रा को छुड़ाने लगे। पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की व हाथापाई करते हुए तीनों को जीप से उतारने के बाद साथ लेकर चले गए।
इस मामले में थानाध्यक्ष महेशगंज अनिल पांडेय की तहरीर पर लालगंज पुलिस ने अंकित मिश्रा, गगन मिश्रा, आदर्श मिश्रा, विनीत मिश्रा, शशिकांत मिश्रा, निवासी कटरा जलेशरगंज, जीतेंद्र पाल निवासी पूरे जनई व अशोक पाल निवासी मानिकपुर व 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने हिरासत से छुड़ाए गए महेशगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर प्रधानपति दिलीप उर्फ मोनू और संदीप शुक्ला उर्फ गोलू को बृहस्पतिवार की देर शाम दबोच लिया।
पूछताछ के लिए दोनों को जेठवारा थाने में रखा गया। शुक्रवार को महेशगंज पुलिस ने संदीप उर्फ गोलू शुक्ला के पास से बहोरिकपुर नहर पुलिया के पास से तमंचा की बरामदगी दिखाते हुए उसे जेल भेज दिया। वहीं, हिस्ट्रीशीटर प्रधानपति दिलीप पाल को पूछताछ के बाद जेठवारा पुलिस ने परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया। उधर, दबिश के बाद भी महेशगंज पुलिस पर हमले के आरोपी पकड़ में नहीं आए।
सीओ सदर पवन त्रिवेदी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर प्रधानपति दिलीप पाल उर्फ मोनू के ऊपर लालगंज, जेठवारा व महेशगंज में हत्या, लूट, जानलेवा हमला समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। चूंकि वह किसी मामले में वांछित नहीं था। इसलिए पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। उसके द्वारा असलहा बेचने की पुष्टि नहीं हो सकी।
हिस्ट्रीशीटर प्रधानपति दिलीप उर्फ मोनू पर मेहरबान दिखी पुलिस
लालगंज कोतवाली के पूरे जनई निवासी प्रधानपति दिलीप उर्फ मोनू पर जेठवारा पुलिस काफी मेहरबान दिखी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार दिन पहले गांव में ही उसका विवाद हो गया था। मारपीट में उसे चोटें आई थीं। चर्चा है कि जेठवारा थाने में पूछताछ के दौरान भी उसके साथ कड़ाई की गई। हालांकि सीओ सदर पवन त्रिवेदी इससे इनकार कर रहे हैं। पुलिस ने संदीप शुक्ला उर्फ गोलू को तमंचा की बरामदगी दिखाते हुए जेल भेज दिया, मगर असलहा बेचने का आरोप मोनू पर भी था। पुलिस ने आखिर उसे क्यों छोड़ दिया।
प्रयागराज की नवाबगंज पुलिस ने मोनू पर दर्ज किया था गैंगस्टर का मुकदमा
लालगंज कोतवाली के पूरे जनई के हिस्ट्रीशीटर प्रधानपति दिलीप उर्फ मोनू पाल ने प्रयागराज जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र में हत्या और लूट की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार आर्म्स एक्ट में भी वह जेल जा चुका है। नवाबगंज पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। महेशगंज में केवल हिस्ट्रीशीट खोली गई है। जेठवारा थाने में भी लूट व आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। लालगंज कोतवाली में उसके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।