पट्टी एसडीएम ने बारात में शामिल होने वालों लोगों को कोरोना का टेस्ट कराने को कहा है। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आएगी, वही लोग बारात में शामिल हो पाएंगे। एसडीएम के इस आदेश से उन लोगों की परेशानी बढ़ गई है, जिन लोगों ने जून माह में शादी के लिए तिथि निश्चित कर दी हैं।
अनलॉक-1 में शादी के लिए शासन ने दोनों पक्षों के अधिकतम 30 लोगों को अनुमति देने का निर्देश दिया है। मगर पट्टी एसडीएम ने शासन के आदेश को धता बताते हुए बारात में शामिल होने वाले सभी लोगों के लिए कोरोना की जांच अनिवार्य कर दी है। तहसील परिसर में चस्पा नोटिस देखकर शादी के लिए अनुमति लेने आने वाले लोग लौट जा रहे हैं।
एसडीएम ने जो नोटिस जारी की है, उसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि शादी में शामिल होने वाले सभी व्यक्तियों का कोरोना टेस्ट निगेटिव होने का प्रमाणपत्र सीएमओ या समकक्ष मेडिकल अफसर से जारी होना चाहिए। हालांकि यह आदेश एसडीएम पट्टी का व्यक्तिगत है।
शासन ने कोरोना टेस्ट कराना अनिवार्य नहीं किया है। एसडीएम पट्टी डीपी सिंह से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैंने कोरोना जांच के लिए नहीं कहा है, बल्कि थर्मल स्क्रीनिंग कराने को कहा है।
सामाजिक दूरी जरूरी, 30 से अधिक लोगों पर है पाबंदी
शादी के लिए मिलने वाली अनुुमति में दोनों पक्षों से मात्र 30 लोगों के शामिल होने का पास दिया जा रहा है। साथ ही सामाजिक दूरी बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। शादी में शामिल होने वाले सभी लोगों को फेस कवर अवश्य रखने को कहा जा रहा है।
मई में निरस्त होने वाली शादियां हो रहीं जून में
मई में संपूर्ण लॉकडाउन के चलते निरस्त होने वाली अधिकांश शादियां जून में हो रही हैं। इसलिए अधिकांश लोग ऐसेे हैं, जिन्हें अनुमति नहीं मिल रही है, वह भी शादी निपटा रहे हैं। हां इतना जरूर है कि शादी में जो भीड़ जुटती थी, उससे लोग बचने का प्रयास कर रहे हैं।
शादी में शामिल होने के लिए अधिकतम 30 लोगों को अनुमति देने को कहा गया है। अगर कोई व्यक्ति बगैर अनुमति लिए शादी का आयोजन करता है, तो यह गलत है। उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल सामाजिक दूरी और फेस कवर सभी के लिए अनिवार्य किया गया है।
शत्रोहन वैश्य, एडीएम