जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अफसर लाचार होते जा रहे हैँ। अब विभाग कोरोना मरीजों के संपर्कियों की तलाश नहीं कर रहा है। कोरोना के मरीजों अस्पताल तक पहुंचाने, उनके इलाज और सैनिटाइजेशन में ही विभाग की सांस फूल रही है। कुछ मरीजों को अस्पताल तो ज्यादातर लोगों को होम आइसोलेशन में रखकर इलाज करने का दावा किया जा रहा है।
बुधवार को जिले में फिर 35 कोरोना संक्रमित मरीज मिले। इनमें से कुछ को अस्पताल तो ज्यादातर लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। मरीज कहां से संक्रमित हुए, किन-किन लोगों के संपर्क में रहे हैं, यह जानकारी लेना अब स्वास्थ्य विभाग भूल गया है। लगातार मरीज मिलने के चलते स्वास्थ्य विभाग खुद ही लाचार हो गया है। मरीजों का ब्यौरा लेने के बाद उन्हें होम आइसोलेशन या फिर अस्पताल में भर्ती करवाकर अपने सिर का बोझ खत्म कर रहा है। जबकि संपर्कियों का पता न लगाने के चलते मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस ओर स्वास्थ्य विभाग के अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैँ। स्वास्थ्य विभाग की तीन दिनों पहले एक बड़ी चूक सामने आई थी।
पुणे से कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति अपने परिवार के लोगों के साथ फ्लाइट से सफर करते हुए घर मानधाता पहुंच गया । मानधाता थाना क्षेत्र के गुडरू गांव पहुंचे संक्रमित युवक ने कितनों को कोरोना बांटा होगा, यह बाद में पता चलेगा। युवक ने बताया कि पुणे के चिचवण में 18 जुलाई को उसने अपनी कोरोना की जांच करवाई थी । 22 जुलाई को लगभग रात आठ बजे युवक की जांच रिपोर्ट पाजिटिव आई ।
इससे वह घबरा गया। टिकट बुक किया और फ्लाइट से लखनऊ आ गया। लखनऊ पहुंचने के बाद बस से प्रयागराज पहुंचा । यहां से वह निजी कार से 23 जुलाई को गुडरू गांव पहुंचा। 26 जुलाई को जब पुणे से उसके पाजिटिव होने की खबर जिला मुख्यालय पर आई तो इसकी सूचना युवक के पिता ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को दी। बीते पखवारे भर से जिले में मिल रहे कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की तलाश स्वास्थ्य विभाग नहीं कर रहा है। इस बारे में सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव का कहना है कि जो मरीज मिल रहे हैं पहले उन्हें अस्पताल में शिफ्ट कराया जा रहा है। इसके बाद उनकी संपर्क हिस्ट्री खंगाली जा रही है।
एफसीआई गोदाम में भीग रहा गेहूं
एफसीआई गोदाम महुली में खुले में गेहूं रखा गया है। जिसके चलते वह भीगकर खराब हो रहा है। जिम्मेदार इससे पूरी तरह अनजान बने हैं। चिलबिला महुली में एफसीआई का गोदाम है। यहां गेहूं खुले में रखा गया है। इन दिनों हो रही रिमझिम बरसात के चलते गेहूं भीग रह है। जिम्मेदार अफसर इससे पूरी तरह अनजान बने हैं। वे इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैँ। गेहूं के ऊपर पालिथीन तक डालना उचित नहीं समझ रहे हैं। अगर तेज बारिश हुई तो गेहूं पूरी तरह भीगकर खराब हो जाएगा।