मौसम में बदलाव के चलते मौसमी बुखार का कहर लोगों पर टूटने लगा है। बुखार के कारण एक युवक की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पतालों में इलाज कराने के लिए सैकड़ों की संख्या में बुखार के मरीज पहुंचे।
दिन में गर्मी और बीच-बीच में हो रही हल्की बारिश के बाद उमस और रात में मौसम सामान्य रहने के कारण लोग बुखार के साथ बदन दर्द, खांसी और कमजोरी की चपेट में आ रहे हैं। जेठवारा थाना क्षेत्र के चमरुपुर शुक्लान के बलीपुर परसन निवासी राजेंद्र वर्मा एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। ननिहाल सजवापुर रहकर वह सीएचसी लालगंज में अपना इलाज करा रहा था।
गुरुवार की शाम उसकी तबियत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। डाक्टरों का कहना है कि मौसम में खुद को महफूज रखना बेहद जरूरी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह वक्त काफी खतरनाक साबित हो सकता है।
ओपीडी में 50 फीसदी बुखार के मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में मौसमी बुखार के मरीजों की भीड़ सबसे ज्यादा है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में 50 फीसदी मौसमी बुखार के हैं। फिजिशियन डॉ. अनुज चौरसिया ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
कैसे करें बचाव
. खांसते या छींकते समय चेहरे पर रूमाल लगा लें।
. संक्रमित व्यक्ति को दूसरों की जरूरत के सामान उपयोग नहीं करना चाहिए।
. फ्रिज का ठंडा पानी और कूलर से दूरी बनाए रखें।
. बाजार में बिकने वाली खानपान की चीजों का उपयोग न करें।
. रात में पूरे बदन के कपड़े पहनकर घर से निकलें।
. लगातार बुखार रहने पर डाक्टर को दिखाएं।