नवाबगंज इलाके में बुधवार की रात आई आंधी की चपेट में आने से गिरे पेड़ के नीचे दबकर बुजुर्ग महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, मंगलवार और बुधवार को आई आंधी-बारिश की वजह से 200 से ज्यादा गांवों में अंधेरा है।
झोकवारा निवासी रामप्यारे मजदूरी करते हैं। बुधवार की रात पत्नी रामदेई (60) घर के बाहर सो रही थी। रात में आंधी आने से पीपल का वृक्ष गिर पड़ा और वह उसके नीचे दब गईं। काफी मशक्कत के बाद वृद्धा को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतका के तीन बेटियों की शादी हो चुकी है।
वहीं, अपरवल का पुरवा निवासी राम मनोहर (63) भी घर के बाहर सो रहा था। आंधी के दौरान नीम का पेड़ बुजुर्ग पर गिर पड़ा। घायल बुजुर्ग को परिजन एम्स रायबरेली ले गए। चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के दो बेटे व एक बेटी है।
इसके बाद नाराज ग्रामीणों ने पुराने जर्जर पेड़ों को हटाने की मांग की। एसडीएम वाचस्पति सिंह ने बताया कि घटनास्थल पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की है। शासन से दैवीय आपदा के तहत परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है। शुक्रवार तक परिजनों को सहायता राशि मुहैया करा दी जाएगी।
वहीं, बाबागंज विधायक विनोद सरोज ने नवाबगंज क्षेत्र के झोकवारा व अपरवल का पुरवा गांव पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने हादसे पर दुख जताया और मदद का भरोसा दिया।
मृतका रामदेई। फाइल फोटो
मृतका रामदेई। फाइल फोटो