कमरे से नहीं मिला सुसाइड नोट
लोगों ने संजय के घर बाहर पहुंचकर आवाज दी लेकिन, अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इस पर पुलिस को खबर दी गई। अचलपुर में रहने वाले भाई विजय श्रीवास्तव को भी बताया गया। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसी। पुलिस के अनुसार, संजय ने लाइसेंसी बंदूक से सिर में गोली मार ली थी। कमरे में दूर-दूर तक मांस के लोथड़े बिखरे हुए थे। कुछ देर बाद फोरेंसिक टीम पहुंचकर छानबीन व साक्ष्य संकलन करने में जुट गई।
इस बीच परिवार के लोग भी प्रयागराज से आ गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके से सुसाइड नोट व लाइसेंसी बंदूक मिली। जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। खुदकुशी के कुछ देर पहले ही संजय ने बड़े भाई विजय श्रीवास्तव के मोबाइल पर मैसेज भेजकर बच्चों की देखभाल करने की बात कही थी। मैसेज देखने के बाद विजय कुछ समझ पाते, इससे पहले ही संजय ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि किराना कारोबारी ने तनाव के चलते खुदकुशी की है।
सुसाइड नोट में लिखी बीमारी से परेशान होने की बात
संजय श्रीवास्तव ने खुदकुशी करने से पहले अपने परिवार के सदस्यों की तस्वीर बगल में रख ली थी। कमरे से बरामद सुसाइड नोट में लिखा था कि मैं बीमार से तंग हूं। सिर में हमेशा दर्द होने व हर काम को उल्टा सोचने से परेशान होकर खुदकुुशी कर रहा हूं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है।