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प्रतापगढ़ः संपत्ति विवाद में पौत्रों ने दादी को पीटकर मार डाला, पिता की मौत के बाद चल रहा था विवाद

Wed, 01 Mar 2023 11:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

संपत्ति के विवाद में पौत्रों ने रिश्ते का कत्ल कर दिया। उन्होंने अपनी बुजुर्ग दादी को लाठी डंडे से इस कदर पीटा कि उनकी मौत हो गई। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात है।
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Crime - फोटो : social media
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विस्तार
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संपत्ति के विवाद में पौत्रों ने रिश्ते का कत्ल कर दिया। उन्होंने अपनी बुजुर्ग दादी को लाठी डंडे से इस कदर पीटा कि उनकी मौत हो गई। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात है। आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के तुरकौली गांव की रहने वाली कलावती (75) छोटे बेटे दिनेश के साथ रहती थीं। तीन बेटों के बीच पिता की मौत के बाद संपत्ति को लेकर विवाद चला आ रहा था। आरोप है कि बुधवार को कलावती के मंझले बेटे के पुत्र अरुण व राजन अपनी मां शीला देवी के साथ उनसे पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद करने लगे।

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दादी कलावती ने संपत्ति उनके नाम करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद नाराज दोनों पौत्रों व बहू ने मिलकर उन्हें लाठी डंडे व घूंसों से पीटा। बीच-बचाव करने पहुंची दिनेश की पत्नी सुनीता को भी मारापीटा। गांव के लोगों के जुटने पर आरोपी फरार हो गए। आनन-फानन घायल कलावती को ग्रामीणों की मदद से इलाज के लिए जौनपुर जनपद स्थित एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुनीता की तहरीर पर पुलिस ने मृतका के पौत्र अरुण, राजन व बहू शीला देवी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। थानाध्यक्ष संजय पांडेय ने बताया कि आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है।

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पौत्रों को सता रहा था संपत्ति छिन जाने का भय
तुरकौली निवासी रामसागर के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा अर्जुन, भीम व छोटा बेटा दिनेश है। रामसागर की करीब दस वर्ष पहले मौत हो चुकी है। पति की मौत के बाद पैतृक संपत्ति का कुछ हिस्सा कलावती के नाम दर्ज हो गया। कलावती अपने छोटे बेटे दिनेश के साथ रहती थीं। कई बार संपत्ति के लेनदेन को लेकर पंचायत हो चुकी है। कलावती द्वारा धमकी दी जाती रही कि वह अपने नाम की संपत्ति भीम के बजाय दूसरे बेटों को दे देगी। जिससे भीम के परिजन कलावती से नाराज रहते थे। बाहर रहने वाले भीम के बेटे अरुण व राजन कुछ दिन पहले ही घर आए थे। इसे लेकर कई दिनों तक पंचायत भी हुई, मगर कलावती संपत्ति देने को तैयार नहीं थी। संपत्ति के विवाद में गुस्से में पोतों ने अपनी दादी का ही कत्ल कर दिया।
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