पौत्रों को सता रहा था संपत्ति छिन जाने का भय
तुरकौली निवासी रामसागर के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा अर्जुन, भीम व छोटा बेटा दिनेश है। रामसागर की करीब दस वर्ष पहले मौत हो चुकी है। पति की मौत के बाद पैतृक संपत्ति का कुछ हिस्सा कलावती के नाम दर्ज हो गया। कलावती अपने छोटे बेटे दिनेश के साथ रहती थीं। कई बार संपत्ति के लेनदेन को लेकर पंचायत हो चुकी है। कलावती द्वारा धमकी दी जाती रही कि वह अपने नाम की संपत्ति भीम के बजाय दूसरे बेटों को दे देगी। जिससे भीम के परिजन कलावती से नाराज रहते थे। बाहर रहने वाले भीम के बेटे अरुण व राजन कुछ दिन पहले ही घर आए थे। इसे लेकर कई दिनों तक पंचायत भी हुई, मगर कलावती संपत्ति देने को तैयार नहीं थी। संपत्ति के विवाद में गुस्से में पोतों ने अपनी दादी का ही कत्ल कर दिया।