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प्रतापगढ़ : निजी नर्सिंगहोम में मिलीं सरकारी दवाएं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर हड़कंप

Fri, 26 Aug 2022 12:03 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

शहर के दहिलामऊ में यथार्थ नर्सिंगहोम का संचालन हो रहा है। सीएमओ कार्यालय में नर्सिंगहोम का पंजीकरण दिलीप गुप्ता के नाम से यहां है, लेकिन बताया जा रहा है कि असल में इसका मालिक स्वास्थ्य विभाग में तैनात एक फार्मासिस्ट है। 
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Pratapgarh News : नर्सिंग होम में मिलीं सरकारी अस्पताल की दवाएं। - फोटो : प्रतापगढ़
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विस्तार
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शहर के दहिलामऊ स्थित नर्सिंगहोम में हजारों की सरकारी दवाएं और इंजेक्शन रखे मिले। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद आशंका जताई जा रही है कि अस्पताल में सरकारी दवाएं खपाई जा रही थीं। मामले की जांच के लिए सीएमओ की ओर से गठित जांच टीम बृहस्पतिवार को नर्सिंग होम में जांच करने पहुुंची। हालांकि जांच में उसे कुछ नहीं मिला। वहीं, नर्सिंग होम संचालक का कहना है कि वायरल वीडियो उनके यहां नहीं है।

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शहर के दहिलामऊ में यथार्थ नर्सिंगहोम का संचालन हो रहा है। सीएमओ कार्यालय में नर्सिंगहोम का पंजीकरण दिलीप गुप्ता के नाम से यहां है, लेकिन बताया जा रहा है कि असल में इसका मालिक स्वास्थ्य विभाग में तैनात एक फार्मासिस्ट है। सीएमओ कार्यालय में हुए पंजीकरण के मुताबिक, अस्पताल में डॉ. धीरेंद्र सिंह, डॉ. सुमनेश सिंह, फार्मासिस्ट कुलदीप यादव और नर्स पुष्पा देवी काम कर रही है। अस्पताल के भीतर भारी मात्रा में सरकारी दवाएं रखे जाने का वीडियो दो दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

दवाएं अस्पताल के अंदर रखी गई हैं। वीडियो में अस्पताल का नाम भी दिख रहा है। इन दवाओं में एंटीबायोटिक इंजेक्शन, पैरासिटामॉल और खांसी के सिरप हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ ने जांच के लिए एसीएमओ डॉ. एसके सिंह, अपर शोध अधिकारी आरपी चौधरी और आरजी चौधरी की तीन सदस्यीय टीम गठित की है।


ड्रग बेयर हाउस के नोडल अफसर एसीएमओ डॉ. सीपी शर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो में दिख रहीं दवाएं और इंजेक्शन सरकारी हैं। हालांकि उनमें बैच नंबर नहीं दिख रहा है। इससे यह पता नहीं चल पा रहा है कि इंजेक्शन जिले के किसी सरकारी अस्पताल का है या फिर किसी दूसरे जनपद के। जांच टीम को बैच नंबर पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। बैच नंबर से यह पता चल जाएगा कि दवाएं ड्रग बेयर हाउस अथवा किसी सीएचसी या पीएचसी से ले जाई गई हैं। 
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नर्सिंगहोम से खाली हाथ लौटी अफसरों की टीम
शहर के दहिलामऊ स्थित जिस नर्सिंगहोम में सरकारी दवाएं और इंजेक्शन रखने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, वहां जांच के लिए गठित स्वास्थ्य विभाग की टीम को कुछ भी नहीं मिला। दरअसल, वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसर जब तक नर्सिंगहोम पहुंचे तब तक वहां से दवाएं हटा दी गईं।


सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह मेरे अस्पताल का नहीं है। मेरे यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने आई थी। सरकारी अस्पताल की दवाएं नहीं मिलीं। -
दिलीप गुप्ता, संचालक यथार्थ नर्सिंग होम



मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। अस्पताल सील किया जाएगा। नर्सिंगहोम का मालिक अगर स्वास्थ्य विभाग में तैनात फार्मासिस्ट है और सरकारी दवाएं ले जा रहा है तो उसके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। - डॉ. जीएम शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी
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