जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी की मेजबानी करने वाला राजकीय इंटर कॉलेज खुद ही विज्ञान प्रयोगशाला के लिए मोहताज है। यहां चार साल से दो कमरों में अस्थाई प्रयोगशाला चलाई जा रही है। प्रायोगिक सामग्रियों के अभाव में बच्चे प्रयोग से वंचित रह रहे हैं।
जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में जीआईसी के भी कई छात्र अपने माॅडल प्रस्तुत करेंगे। बिना प्रायोगिक अनुभव के बच्चे अपने सपनों को किस तरह उड़ान देंगे यह समझना कठिन नहीं। यही हाल शहर के जीजीआईसी का भी है। यहां भी प्रयोगशाला नहीं है। प्रधानाचार्य कुलश्रेष्ठ तिवारी ने बताया कि कॉलेज परिसर में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत प्रयोगशाला का निर्माण हो रहा है। दिसंबर तक प्रयोगशाला तैयार होने के आसार हैं।
प्रयोगशाला में नहीं उपकरण
जीआईसी के 10वीं कक्षा के छात्र मो. इमरान ने बताया कि यहां भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान के प्रयोग कभी कभार ही होते हैं। 12वीं के छात्र सत्यम ने बताया कि वह जिला विज्ञान प्रदर्शनी में मॉडल प्रस्तुत करेंगे। कई साल से प्रयोगशाला नहीं है। दो कमरे में अस्थाई प्रयोगशाला बनाई गई है।
कल आयोजित होगी जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी
समग्र शिक्षा (माध्यमिक) के तत्वावधान में जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी बृहस्पतिवार को शहर के जीआईसी में लगेगी। जिलेभर के माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थी प्रदर्शनी में मॉडल प्रदर्शित करेंगे। प्रदर्शनी में विज्ञान व गणित आधारित मॉडल प्रस्तुत किए जाएंगे। एनजीओ भी मॉडल प्रस्तुत कर सकेंगे। सर्वश्रेष्ठ मॉडलों को पुरस्कृत किया जाएगा। चयनित विद्यार्थी मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे।