जिले के सात ब्लॉक की 11 लाख की आबादी को जल्द ही खारे पानी से छुटकारा मिलेगा। उनके घरों में सीधे गंगाजल पहुंचेगा। करीब एक हजार करोड़ रुपये से शृंग्वेरपुर में गंगा नदी के किनारे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) बनाया जाएगा। जनवरी 2027 से निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
जिले के सात ब्लॉकों में 20 हजार वर्ग किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे हर दिन करीब 106 मिलियन लीटर गंगाजल की आपूर्ति की जाएगी। जल जीवन मिशन ग्रामीण डब्ल्यूटीपी निर्माण के लिए इसी सप्ताह राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजेगा। विभागीय अधिकारियों ने अगले साल जनवरी से डब्ल्यूटीपी व पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई है।
जिले के सदर, संडवा चंद्रिका, बाबा बेलखरनाथ धाम, सांगीपुर, लालगंज, मानधाता और लक्ष्मणपुर ब्लॉक की 460 ग्राम पंचायतों के 845 राजस्व गांवों में पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे करीब 11 लाख लोगों को खारे पानी की समस्या से राहत मिलेगी।
वर्चुअल बैठक में 22 मई को होगी समीक्षा
केंद्र सरकार 22 मई को वर्चुअल बैठक में डब्ल्यूटीपी निर्माण को लेकर जल जीवन मिशन ग्रामीण के अफसरों के साथ चर्चा करेगी। इसमें डीएम अभिषेक पांडेय भी मौजूद रहेंगे। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के संबंध में डीएम कार्य योजना प्रस्तुत करेंगे।
इनसेट:-
वर्ष 2053 की आबादी के अनुसार बनेगा डब्ल्यूटीपी
डब्ल्यूटीपी का निर्माण वर्ष 2053 की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। अभी 845 राजस्व गांवों की आबादी करीब 11 लाख है, जो वर्ष 2053 में बढ़कर करीब 16 लाख होने की संभावना है।
इनसेट:-
-डब्ल्यूटीपी की लागत-1000 करोड़
- हर दिन गंगाजल आपूर्ति की क्षमता-106 मिलियन लीटर
-बिछेगी पाइप लाइन-20 हजार वर्ग किमी
-लाभांवित होने वाली आबादी-11 लाख
-लाभावंति होने वाले ब्लॉकों की संख्या-07
वर्जन:-
एक हजार करोड़ रुपये से डब्ल्यूटीपी का निर्माण कराया जाएगा। राज्य सरकार को इसी सप्ताह प्रस्ताव भेजा जाएगा। 845 राजस्व गांवों की 11 लाख आबादी को गंगाजल की आपूर्ति की जाएगी। - तौसीफ अहमद, एक्सईएन, जल जीवन मिशन ग्रामीण