फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pratapgarh News: बढ़ती प्यास... पानी की आस में एक किमी का चक्कर

विज्ञापन
​शिवगढ़ के कमलेश्वरनाथ मंदिर से बसहा गांव एक किमी दूर पानी ले जाती महिलाएं। संवाद
विज्ञापन
विकासखंड में पानी का संकट गहराता जा रहा है। ब्लॉक को क्रिटिकल जोन में शामिल किया गया है। 64 ग्राम पंचायतों में पानी को सहेजने के जतन किए जा रहे हैं। ग्रामीण प्यास बुझाने की आस में पानी के लिए एक किमी तक का चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, क्रिटिकल जोन के गांवों में अब नलकूप, बोरिंग करने पर मनाही है। हैंडपंप भी सूख चुके हैं। लोग सई नदी में कपड़े और बर्तन धोते हैं।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत जामताली के 12 गांवों में खारे पानी की समस्या है। 1999 में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था लेकिन कुछ महीनों में टंकी से आपूर्ति बंद हो गई। क्षेत्र के जामताली पंडितान, शुकलान, श्रीपुर, सराय शेर खां समेत कई गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा है।
बसहा गांव के लोग सई नदी में बर्तन और कपड़े धोने को मजबूर हैं। घर से एक किमी कमलेश्वर नाथ धाम मंदिर में स्थित हैंडपंप से साइकिल और सिर पर रखकर पानी लाते हैं और प्यास बुझाते हैं।
विज्ञापन

स्थानीय निवासी चौहरजा प्रसाद, राम प्रसाद व अशोक ने बताया कि हर दिन एक किमी दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। यही हाल डड़वा गांव के लोगों का है। इसके अलावा घोरका, बीजेमऊ, बासी, आधारगंज गांव में कई हैंडपंप रीबोर नहीं हो सके हैं। एडीओ पंचायत शिवकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्राथमिकता के आधार पर हैंडपंप को रीबोर कराया जा रहा है।

इनसेट:-
12 से अधिक गांवों में पानी का संकट है। लोग सुबह से साइकिल व सिर पर पानी ढोते हैं। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
अमर सिंह,जामताली
.........
पानी की टंकी का निर्माण हुआ लेकिन 25 साल से आपूर्ति बंद हैं। मंदिर में लगे हैंडपंप से पानी भरकर लोगों को पीना पड़ रहा है।
- संजय सिंह, बसहा
.........
पीने के पानी के लिए हर दिन मशक्कत करनी पड़ती है। गर्मी में स्थिति बेहद गंभीर है पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। - विनोद मिश्र, जामताली

इनसेट:-
शिवगढ़ ब्लॉक में हैंडपंपों की संख्या- 3200
-खराब हैंडपंपों की संख्या-350
-पेयजल समस्या से जूझ रहीं ग्राम पंचायतें-64

शिवगढ़ के कमलेश्वरनाथ मंदिर से बसहा गांव एक किमी दूर पानी ले जाती महिलाएं। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें