सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठने वालों का गिरोह जिले में भी सक्रिय है। शिक्षक भर्ती आरोपियों के सहयोगियों से इतर करीब छह लोगों का गिरोह बेरोजगारों को ठग रहा है। शिक्षक भर्ती में शामिल लोगों की धरपकड़ में लगी एसटीएफ की जांच में यह गिरोह सामने आया है। एसटीएफ गिरोह के लोगों की तलाश में जुटी है।
प्रयागराज में शिक्षक भर्ती घोटाले का मामला सामने आने के बाद जिले में भी कुछ लोगों की तलाश में पुलिस लगी थी। बाद में मामला एसटीएफ के हवाले कर दिया गया। दर्ज मुकदमे की जांच भी एसटीएफ कर रही है। शिक्षक भर्ती घोटाले के तार जुड़े होने के कारण एसटीएफ की जिले पर निगाह गड़ी हुई है। शिक्षक भर्ती घोटाले के सरगना के कई करीबियों की तलाश में एसटीएफ दौड़भाग कर रही है।
सूत्रों के अनुसार शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में शामिल जिले के 4 लोगों को चिह्नित किया गया है। यह लोग प्रयागराज के रहने वाले सरगना केएल पटेल के संपर्क में थे। बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर उन्हें झांसा देकर शिकार बनाते थे। छानबीन के दौरान एसटीएफ को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक और गिरोह का पता चला है।
यह गिरोह अमेठी, रायबरेली व सुलतानपुर में सक्रिय है। गिरोह के लोग जिले के बेरोजगारों को दूसरे जिले के करीबियों से मिलाकर शिकार बनातेे हैं। इन लोगों की संख्या छह के आसपास है। प्रयागराज में शिक्षक भर्ती के खुलासे के बाद सभी फरार चल रहे हैं। सभी को दबोचने के लिए एसटीएफ ने जाल बिछा रखा है। सीओ एसटीएफ नावेंदु सिंह ने बताया कि अभी छानबीन चल रही है। कुछ लोगों को चिह्नित कर लिया गया है।
निलंबित चर्चित लेखपाल निशाने पर
शिक्षक भर्ती घोटाले में सरगना केएल पटेल के करीबी के रूप में अंतू व मानधाता थाना क्षेत्र के तीन लोग सामने आए हैं। इसमे जिले के लालगंज तहसील क्षेत्र में तैनात रहे लेखपाल की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। चर्चाओं पर यकीन करें तो शिक्षक भर्ती घोटाले में उसका तार जुडने के बाद एसडीएम ने उसे निलंबित भी कर दिया है। वह एसटीएफ के निशाने पर है, लेकिन गिरफ्त में नहीं आ रहा है।