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गम-गुस्से के बीच पिता-पुत्र के शवों का अंतिम संस्कार

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हथिगवां के बलीपुर में पिता-पुत्र के शव को लेकर घर पहुंची एम्बुलेंस। - फोटो : PRATAPGARH
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हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव में पोस्टमार्टम के बाद पिता-पुत्र का शव पहुंचने के बाद कोहराम मच गया। एंबुलेंस से शव उतारने पर गांव के लोग उनके घर पर जुट गए। पुलिस सुरक्षा में प्रधान की अगुवाई में बलीपुर घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान कई थानों की फोर्स डटी रही।
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हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव निवासी राजेंद्र प्रताप सिंह (50) पुत्र राम सिंह व उनके पुत्र अभय प्रताप सिंह (22) की उनके पड़ोसी शीतला व उनके पुत्रों ने सोमवार की शाम चार बजे गोली मारकर हत्या कर दी थी।
शीतला प्रसाद धान लादकर ट्रैक्टर अपने घर ले जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में तार होने और नाली टूटने के डर से राजेंद्र प्रसाद उधर से ट्रैक्टर ले जाने का विरोध कर रहे थे। इस दौरान शीतला के घर की महिलाएं हमलावर हो गईं। इसके साथ ही शीतला व उनके दो बेटे भी मारपीट करने लगे।
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इसी दौरान शीतला ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से अभय पर चार गोलियां चलाईं। बेटे को बचाने पिता राजेंद्र दौड़े तो उन पर तीन गोलियां दाग दीं। यही नहीं शीतला ने अपने बेटे को बाद में बंदूक थमा दी और उसे भी मारने को कहा। इस पर उनके बेटों ने भी गोलियां चलाईं। इससे पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पर पुलिस पहुंची तो सभी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मंगलवार को दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर परिजनों में चीखपुकार मच गई। हालांकि भारी पुलिस फोर्स की सुरक्षा में प्रधान ने अगुवाई करते हुए दोनों के शवों अंतिम संस्कार गांव के पास ही गंगा के किनारे करवाया। देर शाम तक मौके पर भारी संख्या में पुलिस तैनात रही।
बेटे के शरीर में 75, पिता के शरीर में मिले 35 छर्रे
पिता-पुत्र के शवों का पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच किया। इस दौरान बेटे के शरीर में 75 व पिता के शरीर में 35 छर्रे मिले। बेटे को ही पहले गोली मारी गई थी।
हथिगवां के बलीपुर गांव निवासी राजेंद्र प्रताप सिंह व उनके बेटे अभय प्रताप सिंह का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों के पैनल से कराया गया।
इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम के दौरान अभय प्रताप सिंह के शरीर में 75 छर्रे व गोली के दो खोखा मिला। उसके पैर, सिर, पेट में गोली मारी गई थी। उधर, पिता राजेंद्र प्रताप सिंह के शव में 35 छर्रे और एक खोखा मिला। हत्यारोपी शीतला और उसके बेटों पर खून सवार था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मरने के बाद भी अभय प्रताप सिंह को गोलियां मारी गई थीं। शीतला सिंह ने बेटों को गोलियां मारने के लिए बंदूक थमाई तो उन्होंने भी मृत शरीर पर गोलियां दागीं। इसके बाद सभी मौके से फरार हो गए।
दो महिलाओं समेत छह लोगों पर दर्ज हुआ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा
दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने दो महिलाओं समेत छह लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। इसमें हत्या, घर पर चढ़कर मारपीट, बलवा और गोलियां चलाकर दहशत फैलाने की धाराएं शामिल हैं।
हथिगवां के बलीपुर गांव निवासी राजेंद्र प्रताप सिंह व उनके पुत्र अभय प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने छह लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।
मृतक राजेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी मिथिलेश देवी ने रात में दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि पड़ोसी शीतला सिंह पुत्र बजरंग बहादुर व उनके पुत्र ट्रैक्टर से धान ला रहे थे। उनके घर के पास बिजली का तार नीचे होने के कारण ट्रैक्टर उसमें फंस गया।
इससे वह गालीगलौज करने लगे और तार हटाने के लिए कहने लगे। इस दौरान गांव के संतोष बहादुर सिंह, धीरेंद्र सिंह एवं नीरज कुमार जायसवाल ने बीचबचाव करने का प्रयास किया, लेकिन विवाद नहीं रुका। उसी समय प्रीती पत्नी रणजीत ने लाठी से मिथिलेश देवी पर वार कर दिया। इसके साथ ही उसकी बेटी रचना को भी पीटा। उसी समय घर से विपिन सिंह पुत्र शीतला दोनाली बंदूक लेकर निकला। शीतला सिंह व प्रकाश पुत्र गोलई हाथ तमंचा लेकर आ गए।
साथ ही रणजीत पुत्र शीतला लाठी लेकर आ गए। शीतला के ललकारने पर विपिन ने उसके पति राजेंद्र पर गोली चलाई। उधर, शीतला व प्रकाश ने बेटे अभय पर गोली चलाई। रणजीत सिंह व चंदा देवी ने लाठी-डंडे से मारना पीटना शुरू कर दिया। गोली चलने से गांव में भगदड़ मच गई। लोग अपने घरों में छिप गए। इस दौरान शीतला व उनके पुत्र धमकी देते हुए वहां से भाग निकले।
पुलिस ने मिथिलेश देवी की तहरीर पर शीतला सिंह, उसकी पत्नी प्रीती सिंह, बेटे विपिन सिंह व रणजीत सिंह बहू चंदा देवी व पड़ोस के प्रकाश सरोज पुत्र गोलई के खिलाफ हत्या, बलवा, घर पर चढ़कर मारपीट, फायरिंग कर दहशत फैलाने का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रात में ही शीतला सिंह, उसकी पत्नी प्रीती, बहू चंदा व पड़ोसी प्रकाश पुत्र गोलई को गिरफ्तार कर लिया।
रास्ते पर लगी पटिया भी बनी विवाद की जड़
दोहरेकांड में तार तो विवाद की वजह था ही, रास्ते में बनी नाली पर लगी पटिया भी जड़ बन गई। दोनों घरों के बीच बने रास्ते पर दो जगह बनी नाली पर आने-जाने के लिए पटिया रखी गई थी। भारी वाहन आने जाने के दौरान इसके टूटने का डर था। इसके चलते थे उधर से ट्रैक्टर लेे जाने का विरोध राजेंद्र कर रहे थे।
बावजूद इसके विपक्षी इतने आवेशित थे कि बंदूक की गोलियां चलाकर तार को गिरा दिया था।
हथिगवां के बलीपुर गांव निवासी मृतक और हत्यारोपियों के घर आमने-सामने ही हैं। दोनों घरों के बीच में इंटरलाकिंग लगी हुई है। इंटरलाकिंग के पास ही एक तालाब की जमीन है।
इस पर शीतला कब्जा करते हुए आगे बढ़ते आ रहे थे। इतना ही नहीं इंटरलाकिंग के बाद वह अपने निर्मित गेट से भी आगे बढ़कर ईट लगाकर दीवार बना लिए थे। इसको लेकर उनका पहले से ही विवाद चल रहा था। कई बार पंचायत हो चुकी थी। बावजूद इसके शीतला मानने को तैयार नहीं था।
घटना के दिन जब ट्रैक्टर लेकर वह पहुंचा तो वह ऊपर से गए तार से फंस गया। मृतक राजेंद्र तार और नाली पर लगी पटिया टूटने की बात कहते हुए ट्रैक्टर को दूसरी तरफ से लाने की बात कह रहे थे। उधर शीतला तार को हटाने की बात कहते हुए उधर से ही ट्रैक्टर ले जाने की जिद पर अड़ा था। आवेशित शीतला ने गोली चलानी शुरू कर दी। विवाद होने के दौरान घर पर ही आनलाइन परीक्षा दे रहा पुत्र अभय प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंच गया।
राजाभैया के विपक्ष में गवाही के दौरान शीतला को मिले थे नौ गनर
पूर्व मंत्री और कुंडा के विधायक राजाभैया के खिलाफ मुकदमे में गवाह होने के कारण हत्यारोपी शीतला को पूर्व में नौ गनर मिले थे। काफी दिन तक गनर उसके साथ रहे। बाद में सरकार बदलने पर गनर वापस ले लिए गए थे। जब सुरक्षा का हवाला दिया गया तो उसे बंदूक का लाइसेंस मिल गया। इससे हत्यारोपियों के हौसले काफी बुलंद थे।
वह गांव में हर किसी से लड़ने को तैयार रहते थे। ग्रामीणों का कहना है कि उसी दिन दो अन्य लोगों से भी उनका विवाद होने वाला था, लेकिन संयोग ही था कि पड़ोसी से झगड़ा हो गया।
राज्य में बसपा की सरकार के दौरान नौबस्ता में एक हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मुकदमा राजाभैया सहित उनके अन्य साथियों पर दर्ज हुआ था। इसमें शीतला प्रसाद सिंह गवाह थे। शासन से सुरक्षा मांगी गई तो उसे नौ गनर मिले थे।
वह हमेशा उसके साथ रहते थे। इससे गांव में उसकी दबंगई कायम हो गई थी। हालत यह थी कि शीतला साइकिल से ही चलता था, लेकिन साथ में पुलिस होने के चलते लोगों में एक भय बना रहता था। धीरे-धीरे उसे लगने लगा कि कोई उससे विवाद नहीं करेगा। इस मुकदमे से राजाभैया सहित उनके साथी बरी हो गए थे।
मुकदमा खत्म हुआ तो सुरक्षा भी वापस हो गई। इसके बाद शीतला ने फिर से सुरक्षा की मांग उठाई तो उसे बंदूक का लाइसेंस दे दिया गया। इसके चलते गांव में उसकी दबंगई कायम थी। घटना के कुछ दिन पहले भी शीतला ने अपने खेत के पास कुछ ग्रामीणों का मेड़ जुतवा दिया था। इसको लेकर अन्य ग्रामीण पूछताछ करते रहे, लेकिन उनकी उससे मुलाकात नहीं हो सकी। शाम को राजेंद्र सिंह से विवाद हुआ और हत्या हो गई तो ग्रामीण फिर से उससे सहम गए।
पिता -पुत्र की हत्या का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
प्रतापगढ़। हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर में धान से लदा ट्रैक्टर ले जाने के दौरान बिजली का तार टूटने को लेकर हुए विवाद में सोमवार की शाम राजेंद्र सिंह व उसके बेटे अभय प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
मंगलवार को हत्या की लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें आरोपी शीतला का बेटा लाइसेंसी बंदूक से राजेंद्र को गोली मारने के बाद अभय को निशाना बना रहा है। इस वीडियो में महिलाओं से विवाद के दौरान राजेंद्र सभी को अलग करते दिख रहे हैं। अभय कुर्सी पर बैठा है।
अभय के उग्र होने पर उसकी मां बोलती नजर आ रही है कि ऐसा न करो उसकी तबियत खराब हो जाएगी। फिलहाल घटना के पहले गांव के प्रधान को भी बुलाने की बातचीत हो रही थी। घटना का वीडियो पड़ोसी ने बनाया है। जानकारी होने पर हथिगवां पुलिस ने वीडियो जांच के लिए भेजा।

हथिगवां कोतवाली के बलीपुर पिता पुत्र को गोली मारने के लिए बंदूक लेकर आये आरोपी को पकड़ते लोग वायर- फोटो : PRATAPGARH

हथिगवां कोतवाली के बलीपुर में गोली लगने से मृत पिता पुत्र के पोस्टमार्टम के दौरान जुटी भीड़।- फोटो : PRATAPGARH

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