सम्पूर्ण समाधान दिवस में अवैध कब्जेदारी औरा धोखे से जमीन हथियाने सहित प्रधानमंत्री आवास आवंटन में धांधली का मामला गूंजता रहा। ज्यादातर शिकायतें इसी तरह की रहीं। फिलहाल सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक नहीं पहुंचे। उनकी जगह पर सीडीओ और एडिशनल एसपी पश्चिमी मौजूद रहे।
इन दिनों कुंडा तहसील में धोखे से जमीन हथियाने के मामले खूब आ रहे हैं। बिना किसी आदेश के ही दूसरे की पैतृक जमीन और ग्रामसभा की जमीन हथियाने का मामला खूब गूंज रहा है। कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुर बनोही मैकूलाल का पुरवा गांव निवासी सुमेरा देवी विधवा पत्नी राधेश्याम पटेल ने शिकायती पत्र देकर कहा है कि उससे बगल गांव रैयापुर जुगराजगढ़ के प्रधान राधेश्याम पटेल ने 9 हजार रुपये आवास दिलाने को लिए थे। इसके बाद उसे वापस नहीं किए। मांगने पर मारपीट की धमकी देते हैं।
नरसिंहपुर निवासी अरुण प्रताप सिंह का कहना है कि उनकी पैतृक जमीन में फसली वर्ष 1413 से 1418 तक अरुण प्रताप, नरेंद्र बहादुर राजकुमार, लालमणि का नाम है। इसके बाद 1419 से 1424 तक बिना किसी आदेश के अमृतलाल, संतलाल, बंशीलाल का नाम अंकित कर दिया गया है। उधर तिवारी महमदपुर निवासी चन्नी लाल ने आवास बनाने में बाधा उत्पन्न करने की शिकायत की है। बाबागंज की सुनीता पत्नी कमलेश तिवारी ने शिकायत की है कि उसने अपनी बेटी की शादी सज्जन मिश्रा पुत्र शीतला शंकर से तय किया था। इसमें उसने 80 हजार रुपये खर्च किए थे। अब सज्जन शादी से मना कर रहा है।
गयासपुर निवासी अजीम ने उसके साइन कराकर बैंक खाते में आए आवास की रकम प्रधान द्वारा निकालने की शिकायत की है। उसका कहना है कि उसके खाते से 40 हजार निकाल लिए गए। मांगने पर मारपीट की धमकी दी जाती है। भैसाना गांव के प्रभाशंकर त्रिपाठी ने अपात्रों को आवास देने की शिकायत की है। हथिगवां महिपाल सिंह निवासी नन्हेंलाल ने ग्रामसभा की जमीन पर कब्जे की शिकायत की है।
बड़गों में तालाब पर कब्जे की शिकायत करते हुए किरन देवी ने कहा कि इस पर निर्माण लगातार किया जा रहा है। उधर बाबागंज के महेवा मलकिया में 17 अपात्र लोगों को नाम सहित लिस्ट देकर राजेश तिवारी ने शिकायत की है। उधर हथिगवां थाना क्षेत्र के मिश्रदयालपुर गांव निवासी महात्मा दीनानाथ मिश्र ने शिकायती पत्र देकर 11 दिसंबर 2015 गायब हुई बेटी केा खोज करने की मांग की। समाधान दिवस में कुल 265 शिकायतें आईं। इसमें से नौ का निस्तारण किया गया।