उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने जिला अस्पताल में बिना पैसे लिए ऑपेरशन करने से इन्कार करने के मामले में दोषी पाए गए पूर्व सीएमएस डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता पर सवा छह लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पट्टी क्षेत्र के गांव बेलारामपुर निवासी मृतक की पत्नी ने आयोग से न्याय की गुहार लगाई थी।
बेलारामपुर गांव की सतिना देवी ने 29 जून 2010 को पति सोमई सरोज का अपेंडिक्स का ऑपरेशन कराने के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उस समय सर्जन रहे डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता की ओर से ऑपरेशन करने से पहले 10 हजार रुपये की मांग की गई। पीड़िता ने पांच हजार रुपये दिए भी, लेकिन डॉक्टर ऑपरेशन किए बगैर ही मौके से चले गए। इसके चलते कुछ ही देर में मरीज की मौत हो गई।
पत्नी सतिना ने आरोपी डॉ. गुप्ता के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में केस दर्ज कर क्षतिपूर्ति की मांग की तो उसने आरोपों से इन्कार कर दिया। आयोग के अध्यक्ष यशवंत कुमार मिश्र, सदस्य सहसराम पांडेय और ममता गुप्ता ने मामले की सुनवाई के दौरान डॉ. गुप्ता को दोषी पाया। आयोग ने डॉ प्रेम मोहन गुप्ता को सवा छह लाख रुपये की क्षतिपूर्ति वादी सतिना देवी को करने का आदेश दिया। यह राशि एक माह के भीतर देनी होगी।