जिले में 24-24 लाख रुपये की लागत से पांच शवदाह गृहों का निर्माण किया जाएगा। इन शवदाह गृहों में बिजली से शवों को जलाया जाएगा। शवदाह गृहों के निर्माण के लिए पहली बार इतनी अधिक धनराशि मिली है।
ग्रामीण इलाकों में शव को मिट्टी दबाने, नदियों में प्रवाहित करने और लकड़ी से जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए अब शवदाह गृहों का निर्माण कराया जाएगा। जिले में पांच शवदाह गृहों के निर्माण के लिए 24-24 लाख रुपये मिले हैं।
आसपुर देवसरा के अतरौरा, बेलखरनाथधाम के वीरमऊ, शिवगढ़ के पूरे महंथ, मानधाता के गंभीरा और मंगरौरा के देवसरा गांव में स्थल का चयन कर लिया गया है। बिजली से चलने वाले शवदाह गृहों में आसपास के लोगों के शव लेकर पहुंचने पर दो मिनट में जलाने के बाद राख परिजनों को सौंप दिया जाएगी। डीपीआरओ उमाशंकर पांडेय ने बताया कि शवदाह भवनों का निर्माण कराने के साथ ही बिजली के उपकरण लगाए जाएंगे।