उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच करने शनिवार को केंद्रीय उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण एवं प्रशिक्षण संस्थान फरीदाबाद की टीम जनपद पहुंची। संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. के नागराजू और जिला कृषि अधिकारी अशोक ने संयुक्त रूप से उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। शहर के राधे कृष्ण ट्रेडर्स प्रतिष्ठान से सिंगल सुपर फास्फेट का नमूना संग्रहित किया गया।
मौर्या बीज भंडार चिलबिला में एक नमूना माइक्रो न्यूट्रीएंट का लिया गया। कोहड़ौर के मदनलाल और राजेश कुमार के प्रतिष्ठान का भी टीम ने निरीक्षण किया। उर्वरक के साथ खाद्य सामग्री का विक्रय किए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी की गई। माइक्रो न्यूट्रीएंट का नमूना भी लिया गया। सहायक निदेशक डॉ. के नागराजू ने बताया कि भारत सरकार किसानों को सही दाम पर गुणवत्ता पूर्ण उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आकस्मिक जांच का उद्देश्य है कि खाद किसानों को ही मिले।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ प्राविधिक सहायक वीर विक्रम सिंह मौजूद रहे। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को खतौनी विवरण के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। अनियमितता मिलने पर उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में यूरिया 13249 मीट्रिक टन, डीएपी 4400 मीट्रिक टन व एनपीके 3124 मीट्रिक टन उपलब्ध है। संग्रहित किए नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।