भीषण गरमी में बच्चे अांचल में छुपाकर ले जाती महिला।
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अप्रैल माह के अंतिम चरण मेें पश्चिमी हवाएं कहर ढा रही हैं। तल्ख धूप शरीर को झुलसाने पर आमादा है। गुरुवार को धूप बर्दाश्त नहीं हो रही थी। पंखे व कूलर फर्राटा भरते रहे, मगर सुकून नहीं मिल पा रहा था। धूप इतनी तेज थी कि मानो आसमान से आग बरस रही हो। अधिकतम तापमान 41.0 व न्यूनतम 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शहर से लेकर गांव तक गर्मी से हाहाकार मचा रहा।
अप्रैल माह के अंतिम चरण में पश्चिमी हवाएं रफ्तार भरने लगी हैं। तल्ख धूप सहन नहीं हो रही है। लोगों का बाहर निकलना दूभर हो गया है। उमसभरी गर्मी से लोग परेशान हो उठे हैं। गुरुवार को सुबह 8 बजे से ही सूर्यदेव की किरणें चुभने लगीं। इससे बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। सुबह 10 बजे के बाद पश्चिमी हवाओं ने रफ्तार भरी तो तल्ख किरणें शरीर को भेदने लगीं।
बाहर निकलने पर ऐसा लग रहा था कि जैसे आसमान से आग बरस रही हो। दोपहर 12 बजे के बाद बाजारों में सन्नाटा पसर गया। शहर के बाबागंज, पल्टनबाजार, पंजाबी मार्केट, सदर बाजार, घंटाघर, स्टेशन रोड, रोडवेज बसअड्डा सहित प्रमुख स्थानों पर चहलपहल कम रही। दुकानों पर ग्राहक एवं दुकानदार पसीने से तरबतर दिखे।
राहगीर भी गर्मी से बेहाल रहे। सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थाओं व घरों में पंखे व कूलर फर्राटा भरते रहे। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं थी। न घर में सुकून था न ही बाहर। घरों से निकलकर लोग पार्कों में चहलकदमी करते दिखे। शहर से लेकर गांव तक गर्मी से हाहाकार मचा रहा। शाम को सूर्य ढलने के बाद भी गर्मी के तेवर कम नहीं हुए। उमसभरी गर्मी का कहर जारी रहा। लोग गर्मी से बेहाल दिखे।