बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से निपटने के लिए जिला प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था पूरी तरह असफल नजर आई। शहर से लेकर गांव तक बिजली के लिए हाहाकार मचा रहा। रात ग्यारह बजे गायब हुई बिजली के शाम तक नहीं आने से इन्वर्टर रुक गए।
पीने के पानी को लेकर लोग परेशान रहे। आटा चक्की, बैंकिंग कार्य और ई-रिक्शा आदि भी ठप हो गए। कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ। लोगों के मोबाइल भी चार्ज नहीं हो सके। रात में पंखे की हवा भी नहीं नसीब हुई। पूरे जिले में लोग परेशानहाल रहे।
शहर के बाबागंज, रूपापुर विद्युत उपकेंद्र की बिजली रात 11 बजे बंद कर दी गई जिसे अधीक्षण अभियंता ने सुबह आठ बजे फिर से बहाल कराई। शहर के दहिलामऊ उपकेंद्र पर आधी रात को आपूर्ति ठप कर दी गई।
इसी उपकेंद्र से डीएम कैंप कार्यालय, कचहरी और रोडवेज को बिजली की आपूर्ति की जाती है। लालगंज, हंडौर उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति सुबह साढ़े सात बजे बंद की गई। हंडौर पावर हाउस के सात गांव की आपूर्ति रात दस बजे से बाधित है। मोहनगंज फीडर, बढ़नी फीडर, देवली फीडर, तेजगढ़, पहाड़पुर, रामपुर खास फीडर से भी बिजली की आपूर्ति बंद है।
वहीं ग्रामीणों के प्रयास से दोपहर दो बजे अजगरा फीडर से आपूर्ति चालू कराई गई। सांगीपुर के शुकुलपुर, राजापुर, उदयपुर, रहटीकर उपकेंद्रों पर बिजली नहीं रही। लालगंज ग्रामीण में रात से ही बिजली गायब है। जबकि शहरी इलाकों में सुबह साढ़े सात बजे बिजली गायब हुई।
क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में सबमर्सिबल पम्प, मोबाइल फोन, कम्प्यूटर, चक्की, कारखाना, बैंकिंग कार्य, ई-रिक्शा रुक गए हैं। इससे बिजली की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सरकार के दावे पर पानी फिरता नजर आ रहा है, जिसके कारण उपभोक्ता परेशान है।
मांगों से नहीं करेंगे कोई समझौता, जेल जाने को हैं तैयार
कार्य बहिष्कार करके धरना प्रदर्शन करने वाले हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि अपने आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं है। सरकार जब तक अपना तेवर नहीं बदलेगी तब तक बात करना संभव नहीं है। उप्र विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति संयोजक हेमंत नंदन ओझा ने प्रशासन से अपील की है कि किसी भी कर्मचारी के साथ कोई जबरदस्ती न की जाए, हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण है। यदि किसी कर्मचारी का उत्पीड़न होता है या किसी को गिरफ्तार किया जाता है, तो जिले के सभी कर्मचारी जेल जाने के लिए मजबूर होंगे।
चिलबिला स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासन के लोग कुछ कर्मचारियों को जबरदस्ती फीडर केंद्रों पर रोककर उनसे काम करवा रहे हैं। ये लोग 16 तारीख को ड्यूटी पर आए थे। उनका कहना है कि जब तक 72 घंटे पूर्ण नहीं होते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
धरने में संविदा कर्मचारी, नियमित कर्मचारी, तकनीकी कर्मचारी, अवर अभियंता, कार्यालय सहायकों ने प्रतिभाग किया। धरनास्थल पर एसपी शुक्ला, शीलवंत सिंह, रामसूरत ,अमर यादव, अमरनाथ यादव, श्रवण कुमार, वीरेंद्र कुमार, अखिलेश कुमार, प्रमोद मौर्या, अमित पाल, मुकेश साहनी, ओपी गुप्ता, शैलेंद्र सिंह, नन्हे लाल यादव, जय सिंह, सुनील कुमार सोनी, दिलीप कुमार ,अशोक कुमार, कमलेश चंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।